सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान के प्राक्सी वार से निबटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया है। कहा कि दुश्मनों के नापाक गठजोड़ को परास्त करने की आवश्यकता है। जवानों को पूरी मुस्तैदी के साथ दुश्मनों की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है।
सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर वीरवार को पहुंचे सेना प्रमुख ने उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा हालात की समीक्षा की।
अखनूर तथा राजोरी में एलओसी के फारवर्ड इलाकों में जाकर जवानों से मिले और सुरक्षा तैयारियों को जाना। सुबह उधमपुर स्थित नार्दर्न कमान मुख्यालय पहुंचने पर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अंबू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी हासिल की।
सीमा पार की हरकतों व सीजफायर उल्लंघन के दौरान दुश्मन का जवाब देने की तैयारियों के बारे में जाना। उन्होंने एलओसी पर किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने को कहा।
श्रीनगर और सियाचीन में भी जवानों से मिलेंगे
new army chief general vipin rawat
- फोटो : File Photo
घुसपैठ रोकने की तैयारियों की जानकारी लेते हुए कहा कि किसी भी हालत में घुसपैठ नहीं होने दिया जाए। दुश्मनों की हरकतों पर पैनी निगाह रखी जाए। उन्होंने सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जवानों को शाबासी दी। कहा कि हर जवान देश की सुरक्षा के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रत्येक जवान के योगदान से ही सेना प्रभावी तथा मजबूत है।
उधमपुर के बाद वे नगरोटा स्थित 16 कोर मुख्यालय पहुंचे। यहां जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल ने उनका स्वागत किया। यहां भी उन्होंने अधिकारियों के साथ सुरक्षा हालात तथा काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड की जानकारी ली।
नगरोटा में हुए आतंकी हमले की जानकारी लेते हुए उन्होंने और सतर्क तथा पैनी निगाह रखने की हिदायत दी। इसभी एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। राजोरी में 25 इंफेंट्री डिवीजन हेड क्वार्टर में सुरक्षा हालात की समीक्षा की। ज्ञात हो कि 31 दिसंबर को उन्होंने जनरल सुहाग के स्थान पर सैन्य प्रमुख का पदभार संभाला है।
तीन दिवसीय दौरे के तहत वे श्रीनगर और सियाचीन भी जाएंगे। इसके साथ ही कुपवाड़ा, अनंतनाग, अखनूर तथा राजोरी में सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। जवानों से मिलकर उनकी हौसला अफजाई करेंगे।
घाटी में एलओसी पर सुरक्षा हालात की जानकारी लेने के साथ ही काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड और घुसपैठ रोकने के इंतजामों को भी जानेंगे। सिचाचीन में भीषण ठंड में भी सीमा की सुरक्षा में तैनात जवानों का हौसला बढ़ाएंगे। लद्दाख में चीन के साथ लगते एलएसी पर सुरक्षा हालात की जानकारी लेंगे।