मौजूदा समय में मीरां साहिब के ममका गांव के पास रह रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही बिश्नाह पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि गट्टू डोर के कारण पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में करीब तीन अन्य लोग भी घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित और जानलेवा डोर की बिक्री और इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। इस ताजा हादसे ने एक बार फिर प्रशासन की ओर से गट्टू डोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इसकी बिक्री पर रोक लगाने की जरूरत को सामने ला दिया है।
मियां मंडी में शिक्षा विभाग की कर्मी का हाथ कटा
प्रतिबंधित गट्टू डोर को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को गट्टू डोर की चपेट में आने से जम्मू-कश्मीर शिक्षा विभाग की कर्मचारी विजय लक्ष्मी का हाथ कट गया। वार्ड-3 मियां मंडी निवासी विजय लक्ष्मी के हाथ पर तीन टांके लगे हैं। उनके बेटे अजीत सिंह ने बताया कि मां घर के गेट के भीतर जा रहीं थीं। गट्टू डोर अचानक उनके हाथ में उलझ गई और हाथ कट गया। घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अखनूर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के आसपास हर वर्ष गट्टू डोर से लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसे देखते हुए सिविल प्रशासन और पुलिस की ओर से दुकानों पर दबिश देकर गट्टू डोर की बिक्री पर कार्रवाई की जाती थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जन्माष्टमी से पहले अखनूर कस्बे व आसपास के क्षेत्रों में गट्टू डोर के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए।
गले में फंसी गट्टू डोर, भतीजे की गर्दन और चाचा की उंगली कटी
प्रतिबंधित गट्टू डोर का खूनी खेल एक बार फिर सामने आया है। कानाचक थाना क्षेत्र के सूआ नंबर-1 इलाके में हवा में लटक रही गट्टू डोर ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में भतीजे बलवीर सिंह सलारिया के गले पर गंभीर चोट आई। उसे बचाने के प्रयास में चाचा रमेश सिंह की उंगली भी कट गई।
जानकारी के अनुसार हर्षा डोकरियां निवासी बलवीर सिंह सलारिया अपने चाचा रमेश सिंह के साथ काम से अखनूर गए थे। लौटते समय सूआ नंबर-1 के पास अचानक गट्टू डोर बलवीर के गले में उलझ गई। धारदार डोर से गला कटने के साथ बाइक का संतुलन बिगड़ गया। गनीमत रही कि उस समय बाइक की रफ्तार धीमी थी जिससे दोनों की जान बच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज रफ्तार होने पर हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना के बाद दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने बलवीर के गले पर चार टांके लगाए।
ग्रामीणों ने प्रतिबंधित डोर की बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग की
घटना से स्थानीय लोगों में रोष है। जम्मू-कश्मीर पंचायत परिषद मढ़ ब्लॉक के अध्यक्ष सहित ग्रामीणों ने पुलिस और जिला प्रशासन से प्रतिबंधित गट्टू डोर की बिक्री व इस्तेमाल के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े।