अपनी लीडरशिप और बेहतरीन सैन्य अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले संब्याल युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर भी खासे लोकप्रिय हैं। सांबा जिले के सैन्य परंपरा वाले डोगरा परिवार से ताल्लुक रखने वाले मेजर ऋषभ सिंह का सफर 2018 में शुरू हुआ था। नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें सेना में कमीशन मिला था। महज आठ साल के कॅरियर में संब्याल ने जो पहचान हासिल की है वह असाधारण है और वर्दी के बाद भी वे एक जाना-माना नाम बने रहेंगे।
मेजर पहली बार 2021 में सुर्खियों में आए थे जब कैप्टन के तौर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का सफल नेतृत्व किया था। उनकी टुकड़ी को बेस्ट मार्चिंग कंटिजेंट का खिताब मिला था। इसके बाद उन्होंने सेना के सबसे कड़े सिलेक्शन और ट्रेनिंग स्टैंडर्ड्स को पार कर 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में जगह बनाई। ये उनके कॅरिअर की एक बड़ी प्रोफेशनल उपलब्धि रही। उनकी सैन्य सेवा में सबसे अहम पड़ाव तब आया जब उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एडीसी नियुक्त किया गया।
इस पद पर रहते हुए वे अहम सरकारी, राष्ट्रीय समारोहों और दौरों पर राष्ट्रपति के साथ रहे। उनके शांत स्वभाव और शानदार सैन्य वेशभूषा ने उन्हें सोशल मीडिया पर भी एक चर्चित चेहरा बना दिया। वायरल तस्वीरों और फैन पेजों के जरिए वे सेना के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में शुमार हो गए।
21 अगस्त को मिले थे राष्ट्रपति से
21 अगस्त को मेजर ने एडीसी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से विदाई मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार भी जताया। फिलहाल उनके अगले कदम की आधिकारिक जानकारी नहीं है पर उनके अनुभव व लोकप्रियता को देखते हुए कॉर्पोरेट लीडरशिप, स्ट्रैटेजिक ट्रेनिंग, मोटिवेशनल स्पीकिंग या डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में उनके कदम रखने की संभावनाएं हैं।