कूड़े के ढेर में चारा तलाशने को मजबूर गोवंश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
राजोेरी। जिले के तरयाठ क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तरयाठ सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने तथा मुख्य बाजार क्षेत्र में फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे के ढेर और ओवरफ्लो होते कूड़ेदानों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। क्षेत्र में बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और दुकानदारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार और स्कूल परिसर के आसपास कई दिनों से नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। इससे सड़क किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। इन ढेरों से उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है और बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि क्षेत्र में घूमने वाले बेसहारा पशु चारे की तलाश में कूड़े में मुंह मारते हैं। प्लास्टिक और जहरीला कचरा खाने से पशुओं के बीमार होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार मवेशियों की तबीयत खराब होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।
मुख्य बाजार होने के कारण यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। वहीं पास में स्थित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को भी गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ता है। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि स्कूल के आसपास इस प्रकार की गंदगी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों की नियमित तैनाती नहीं होने और कूड़ा उठाने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तरयाठ बाजार में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। कूड़ा उठाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा बाजार और स्कूल क्षेत्र में उचित कूड़ा निस्तारण प्रणाली स्थापित की जाए। साथ ही प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठाई गई है।