सेना ने लद्दाख की दो ऊंची चोटियों पर लहराया तिरंगा
- फोटो : अमर उजाला
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह टीम 28 मई को अभियान पर रवाना हुई थी। टीम में चुने गए सैनिकों को हाई ऑल्टीट्यूड एंड्योरेंस, आइसक्राफ्ट और रॉकक्राफ्ट जैसी तकनीकों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। कठिन मौसम और दुर्गम इलाके में पर्वतारोहण कर टीम ने अद्वितीय साहस और तकनीकी कौशल का परिचय दिया।
बुधवार को लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने इस ऐतिहासिक अभियान को हरी झंडी दिखाई।
प्रवक्ता ने बताया कि ये पर्वत चोटियां डेपसांग प्लेन्स के दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित हैं, जो पूरे साल बर्फ से ढकी रहती हैं और अत्यंत कठिन रास्तों से भरी होती हैं। टीम ने दक्षिण-पूर्वी दिशा से इन चोटियों पर चढ़ाई की, जिससे रास्ता कम हुआ लेकिन क्रेवास, ग्लेशियर और बर्फीले खतरों का सामना करना पड़ा।
सेना ने लद्दाख की दो ऊंची चोटियों पर लहराया तिरंगा
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इस अभियान को सेना के एडवेंचर विंग द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही यह प्रयास भविष्य में सिविल पर्वतारोहण टीमों को भी आकर्षित करेगा, जिससे लद्दाख में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
सेना ने लद्दाख की दो ऊंची चोटियों पर लहराया तिरंगा
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