अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के 75 पदों पर भर्ती से पहले ही बवाल हो गया है। इन पदों के लिए उर्दू की कामकाजी जानकारी को जरूरी बनाया गया है, जिसे सीधे-सीधे जम्मू के युवा धोखा करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के यूटी बनने के बाद डोगरी, कश्मीरी, हिंदी और उर्दू को काम-काज की आधिकारिक भाषा बनाया गया था। ऐसे में उर्दू के जरिए उन्हें इस भर्ती से वंचित रखने का खेल रचा जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश मंत्री दीपक गुप्ता का कहना है कि ज्यादातर युवा अब उर्दू नहीं पढ़ रहे हैं। ऐसे में उर्दू को नायब तहसीलदार पद के लिए आवश्यक किया जाना उनके हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने सरकार पर कश्मीर केंद्रित होने का आरोप जड़ा और कहा कि भर्ती नोटिफिकेशन को तुरंत संशोधित किया जाना चाहिए। इसमें हिंदी के साथ ही डोगरी को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि बेशक ज्यादातर राजस्व रिकॉर्ड उर्दू में हैं, लेकिन अब हर राज्य में उनका ट्रांसक्रिप्शन किया जा रहा है। सरकार लैंड एप के जरिए ऑनलाइन रिकॉर्ड, लैंड मॉनिटरिंग की बात करती है, लेकिन बात भर्ती की आती है तो पुराने जमाने की तरह उर्दू को जरूरी कर दिया जाता है। उन्होंने इसे युवाओं के हक पर चोट बताते हुए चेताया कि अगर सरकार उर्दू संबंधी शर्त को वापस नहीं लेती तो आंदोलन किया जाएगा।
जम्मू के साथ सौतेला व्यवहार
जम्मू। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सचिव सनक श्रीवत्स ने सरकार पर जम्मू के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप जड़ा। उनका कहना था कि उर्दू की कामकाजी जानकारी को नायब तहसीलदार के पदों के लिए जरूरी बनाकर सरकार ने यह एक बार फिर दिखा दिया है कि उसका यहां के युवाओं से कोई ज्यादा सरोकार नहीं। उन्होंने साफ कहा कि ये क्लॉज वापस नहीं लिया जाता है तो विरोध किया जाएगा।
यह निश्चित रूप से ठीक नहीं हुआ, अफसरों से पूछताछ हो
यह निश्चित रूप से ठीक नहीं हुआ है। इससे हमारे युवा परेशान होंगे। हालांकि अभी तक मैंने संबंधित नोटिफिकेशन नहीं देखा है, लेकिन इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ होनी चाहिए। हम भी आपस में चर्चा करके मामले को दिखवाएंगे।
-सत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
चार आधिकारिक भाषा हैं, उन्हें भी होना चाहिए
प्रदेश में अगर चार आधिकारिक भाषा हैं तो राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद निकालने में उर्दू के साथ ही इन भाषाओं की जानकारी की शर्त को भी शामिल किया जाना चाहिए था।
-तारिक हामिद कर्रा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस