पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक आतिश शर्मा और आरोपी निखिल शर्मा (पुत्र बावा दित्ता, निवासी जख) के बीच काफी लंबे समय से गहरी दोस्ती थी। सोमवार को भी दोनों दोस्त दिनभर एक साथ ही थे। लेकिन शाम होते-होते किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली बहस उग्र हाथापाई और मारपीट में बदल गई। इसी दौरान तैश में आकर निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाली और आतिश पर बेहद करीब से गोली चला दी। गोली लगते ही आतिश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
जमीन का सौदा बना हत्या की वजह
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी निखिल मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और हिरासत में लिए गए आरोपी निखिल के दिए बयान के मुताबिक, इस पूरी खूनी वारदात के पीछे 30 लाख रुपये का जमीन का लेन-देन मुख्य कारण बनकर सामने आया है। निखिल का आरोप है कि आतिश ने किसी जमीन का सौदा करने के नाम पर उससे 30 लाख रुपये लिए थे। लंबे समय से आतिश न तो उसे जमीन उपलब्ध करवा रहा था और न ही उसके पैसे वापस लौटा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद गहरा गया।
एम्स विजयपुर में कराया गया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही विजयपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आतिश के शव को अपने कब्जे में लिया और तुरंत एम्स विजयपुर पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम किए जाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
इस सनसनीखेज गोलीकांड के बाद से पूरे जख क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जख गांव और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी हर स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।
आरोपी का कबूलनामा: न जमीन दे रहा था, न 30 लाख लौटा रहा था
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और हिरासत में लिए गए आरोपी निखिल के दिए बयान के मुताबिक, इस पूरी खूनी वारदात के पीछे 30 लाख रुपये का जमीनी लेनदेन मुख्य कारण सामने आया है। आरोपी निखिल का आरोप है कि आतिश ने किसी जमीन का सौदा करने के नाम पर उससे 30 लाख रुपये लिए थे। लंबे समय से आतिश न तो उसे जमीन उपलब्ध करवा रहा था और न ही उसके पैसे वापस लौटा रहा था। सोमवार शाम इसी बात को लेकर दोनों में विवाद गहरा गया और बात हत्या तक पहुंच गई।
गहरी दोस्ती का खूनी अंत..
मृतक आतिश शर्मा और आरोपी निखिल शर्मा के बीच काफी लंबे समय से गहरी दोस्ती थी। सोमवार को भी दोनों दिनभर एक साथ ही थे। लेकिन शाम होते-होते रुपयों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली बहस उग्र हाथापाई और मारपीट में बदल गई। इसी दौरान तैश में आकर निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाली और आतिश पर बेहद करीब से गोली चला दी। इसी के साथ गहरी दोस्ती का खूनी अंत हो गया।