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अमरनाथ यात्रा के बीच हाईवे पर आफत: 1700 ट्रकों के साथ यात्री वाहन भी फंसे, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

सार

उधमपुर में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया, जिससे करीब 1700 ट्रक और कई यात्री वाहन फंस गए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। सोमवार को उधमपुर जिले के देवाल इलाके में हुए ताजा भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोकना पड़ा, जिससे करीब 1700 ट्रक और कई यात्री वाहन फंस गए।

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हाईवे के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए सिंगल कैरिजवे के जरिए धीरे-धीरे यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल यात्रियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि सड़क की मरम्मत और मलबा हटाने का काम जारी है।

ट्रैफिक विभाग ने लोगों से अपील की है कि जब तक हाईवे को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण आगे भी भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मलबा हटाने और सड़क को जल्द बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया है। अधिकारियों ने बताया कि दूसरा रास्ता चालू होने के बाद सामान्य यातायात शुरू किया जाएगा।

इस बीच, अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल जा रहे 3,823 श्रद्धालुओं के काफिले को सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रभावित हिस्से से गुजरने की अनुमति दी गई। एक तरफ का रास्ता बहाल कर यात्रा काफिले को आगे बढ़ाया गया।

इससे पहले भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते तीन दिनों तक यातायात बाधित रहा था। रविवार को यातायात बहाल हुआ था, लेकिन दोबारा भूस्खलन के बाद फिर से परेशानी खड़ी हो गई।

वहीं, डोडा जिले में पुल डोडा ब्रिज को भी सुरक्षा कारणों से वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल पर दरार दिखाई देने की सूचना के बाद प्रशासन ने एहतियातन यातायात रोक दिया और इंजीनियरों की टीम से जांच कराई।

पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) डोडा के कार्यकारी अभियंता अनिल मेहरा ने बताया कि शुरुआती जांच में पुल पर दिखे निशान संरचनात्मक दरार नहीं पाए गए हैं। ये निर्माण के दौरान शटरिंग जॉइंट पर कंक्रीट ओवरलैप के कारण हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि डिजाइन इंस्पेक्शन और क्वालिटी कंट्रोल की विशेषज्ञ टीम भी पुल की जांच करेगी। विशेषज्ञों की मंजूरी के बाद ही पुल को दोबारा यातायात के लिए खोला जाएगा। फिलहाल वाहनों को वैकल्पिक गणपत पुल से भेजा जा रहा है।
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