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Jammu News: आम लोग ही नहीं पुलिस अफसर भी साइबर ठगों के निशाने पर

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- पूर्व डीजीपी एसपी वैद के नाम से बनाई फर्जी प्रोफाइल, फर्नीचर बेचने के नाम पर ठगी की कोशिश
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- डीजीपी से लेकर एसएसपी तक के नाम और फोटो का हो रहा दुरुपयोग, लोगों से मांगे जा रहे रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। साइबर ठग अब आम लोगों को ही नहीं बड़े पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। ठग डीजीपी से लेकर एसएसपी तक के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेसबुक, व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं। इन प्रोफाइल से अधिकारियों के परिचितों और आम लोगों से पैसे मांगने व फर्नीचर बेचने के नाम पर ठगी की कोशिश की जा रही है।
हाल में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद भी इस तरह की साइबर ठगी का शिकार बने। ठगों ने उनके नाम व फोटो से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई और लोगों को यह कहकर झांसा दिया कि उनका एक दोस्त सीआरपीएफ में है और अपना घरेलू फर्नीचर बेच रहा है। सस्ते दाम का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन पैसे मांगे गए। जानकारी मिलने पर एसपी वैद ने लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से सतर्क किया और साफ किया कि उनका इस प्रोफाइल या फर्नीचर बेचने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साइबर सेल में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
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ऐसे मामले केवल एसपी वैद तक सीमित नहीं हैं। प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत
डीएसपी साइबर सेल जम्मू रोहित चढगाल ने बताया कि इस तरह के मामलों की जांच के लिए एक तय प्रोटोकॉल है। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी जांच की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अधिकारी या परिचित के नाम से पैसे मांगने का संदेश मिलने पर पहले फोन कर उसकी पुष्टि करें। केवल सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर किसी भी खाते में पैसे न भेजें। साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
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फरवरी 2024 : आईजी जम्मू रहे आनंद जैन का सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी फेसबुक आकउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगे।
अप्रैल 2024 : साइबर ठगों ने डीजीपी जम्मू-कश्मीर रहे आरआर स्वैन के नाम का ही व्हाट्सएप अकाउंट बनाया, फिर पैसे मांगे।
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