जीएमसी का सेंट्रल स्टरलाइजेशन सप्लाई विभाग (सीएसएसडी) चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के हवाले है। इसी विभाग से इमरजेंसी आपरेशन थियेटर, कैजुअल्टी, सर्जिकल आपरेशन थियेटर, न्यूरो सर्जिकल थियेटर, आरथो आपरेशन थियेटर और ड्रेसिंग के लिए स्टरलाइज सामान की सप्लाई होती है। अस्पताल में खुद में यह विभाग रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहा है लेकिन इस विभाग में जूनियर स्टरलाइजेशन टेक्नीशियन के पद खाली पड़े हुए हैं।
एकमात्र टेक्नीशियन को एकेडमिक स्तर पर लगाया गया है। जीएमसी में साल दर साल मरीजों की बढ़ती संख्या और यूनिटों के विकसित होने के कारण सीएसएसडी पर लोड बढ़ता रहा है लेकिन तकनीकी स्टाफ को बढ़ाने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया। मौजूदा समय में विभाग में छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
हालांकि ये सभी कर्मचारी तकनीकी स्तर पर पूरी तरह से फिट हैं और उन्हें कई साल का अनुभव प्राप्त है लेकिन विभाग में छह जूनियर स्टरलाइजेशन टेक्नीशियन के पदों को भरने के लिए कुछ खास नहीं हो पाया है। इससे पूर्व वर्ष 1996 में छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को पदोन्नत कर जूनियर स्टरलाइजेशन टेक्नीशियन का ग्रेड दिया गया था लेकिन मौजूदा समय में सभी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
विभाग में वर्षों से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का कहना है कि वे टेक्नीशियन की तरह सेवाएं दे रहे हैं। लिहाजा जूनियर स्टरलाइजेशन टेक्नीशियन के पद भरने के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जाए। उल्लेखनीय है कि जीएमसी प्रशासन से सुपर स्पेशलिटी, सीडी, शालामार अस्पतालों से जूनियर स्टरलाइजेशन टेक्नीशियन स्टाफ की जानकारी मांगी गई है। इन पदों को संबंधित भर्ती एजेंसी के पास भेजा जाएगा।