जम्मू और कश्मीर मुस्लिम वक्फ बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर बैंक की चार शाखाओं को सील कर दिया। यह शाखाएं कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में स्थित वक्फ संपत्तियों पर संचालित हो रही थीं। लंबे समय से बकाये का भुगतान न होने के कारण वक्फ बोर्ड ने यह कार्रवाई की हैं। वक्फ ने कई बार बैंक अधिकारियों से कहा था कि वह वक्फ संपत्ति का उपयोग करने के लिए अपने मासिक किराए को मंजूरी दें।
जिन बैंक शाखाओं को सील किया गया उनमें क्रालयर न्यू मार्केट अनंतनाग, रूपा रेशी हब्बाकदल, अशमुकाम और नेवा पुलवामा शामिल हैं। वक्फ बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जेएंडके बैंक शाखा क्राल्यार 32,49,719 रुपये, रूपा रेशी हब्बाकदल पर 13,44,455 रुपये, अशमुकाम पर 7,70,427 और नेवा पुलवामा पर 40,00,000 रुपये बकाया है।
एलआईसी शाखा भी सील
इसी तरह वक्फ बोर्ड ने सोनवार श्रीनगर में एलआईसी शाखा को 56,49,870 रुपये बकाया पर सील कर दिया। वक्फ के वाइस चेयरमैन जीआर सूफी ने बताया कि बैंकों को एरियर देने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए गए हैं। बकाया भुगतान के लिए बैंक को कई नोटिस दिए हैं। लेकिन कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। पिछले तीन महीनों से बकाया वसूलने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई थी। इसी के तहत बकायेदारों के कार्यालय सील कर दिए गऐ।
नियमों के तहत कार्रवाई
वक्फ द्वारा की गई कार्रवाई जेके बैंक के अध्यक्ष परवेज अहमद को हटाने के बाद की गई। हालांकि, वक्फ बोर्ड के उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि दोनों घटनाक्रम किसी भी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं। वक्फ अधिकारियों ने कहा कि नियमों के तहत कार्रवाई अन्य बकाएदारों के खिलाफ भी होगी। सभी बकाएदार आर्थिक रूप से मजबूत और समाज के समृद्ध वर्ग से आते हैं। कुछ वक्फ बोर्ड की संपत्ति के उपयोगकर्ताओं के पास करोड़ों में बकाया है। ज्ञात हो कि वक्फ की ओर से कश्मीर में विभिन्न जिलों के उपायुक्तों को 6 करोड़ रुपये की वसूली के 109 मामले भेजे गए थे। श्रीनगर में 41872986 रुपये वक्फ संपत्ति के 91 उपयोगकर्ताओं और बारामुला से 3637843 रुपये वसूले जाने थे।