किसानों ने पशुपालन विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। उप जिला आरएस पुरा में लंपी बीमारी के कारण चार पशुओं की मौत होने से किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पशुओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करवाने की मांग की है। गांव चंदू चक रतन लाल ने सरकार तथा पशुपालन विभाग से अपील की है कि बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए और प्रभावित पशुओं की जांच एवं उपचार की उचित व्यवस्था की जाए।
किसान मोहन लाल, देशराज का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बीमारी अन्य पशुओं में भी फैल सकती है। जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के राज्य प्रधान किशोर कुमार कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा गांव में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर पशुओं की जांच की जाए तथा बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक दवाइयां और जागरूकता संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। वेटनरी विभाग के उप जिला प्रभारी डाॅ. मुदस्सर नजीर ने कहा कि उप जिला में 41 सब सेंटर हैं और अभी तक लंपी नामक बीमारी से चार पशु चपेट में आने पर मर गए हैं। वेटनरी विभाग की टीम पशु पालकों की और जानकारी देने पर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय 104 पशु लंपी बीमारी की चपेट आने पर दवाइयों का वितरण करने के साथ उपचार किया जा रहा है। पशु पालकों को लंपी बीमारी के लक्षण देखे जाने पर इसकी जानकारी दें ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।
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गांवों में बीमारी फैल रही, डॉक्टर रिकाॅर्ड डिजिटल करा रहे
पशु पालकों का कहना है कि वेटनरी डाॅक्टर व अन्य कर्मियों की कमी होने पर दिक्कत के चलते एक टीम का गठन करने पर पशुओं का उपचार बेहतर ढंग से नहीं हो रहा। पशु पालक अजीत सिंह का कहना है कि वेटनरी विभाग के डाॅक्टर कृषि विभाग के रिकाॅर्ड डिजिटल करने की प्रकिया में लगाए गए हैं। वेटनरी विभाग के आरएस पुरा के प्रभारी डाॅ. मुदस्सर नजीर ने कहा कि विभाग के निर्देशक की और से भी रिकॉर्ड डिजिटल करने की प्रकिया में लगाए डाॅक्टर व अन्य कर्मियों को वापस भेजा गया है ताकि लंपी बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।