आल जेएंडके पुलिस पर्सनल और अन्य फोरम के बैनर तले रिटायर पुलिस कर्मियों ने वीरवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने वेतन संबंधी 2014 में जारी एक आदेश के खिलाफ रोष जताया और कहा कि इस आदेश के तहत उनके साथ नाइंसाफी हुई है।
वह लोग पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं। 1996 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशों लागू होने के बाद से ही संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रधान अजीत सिंह ने कहा कि आदेश के चलते आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है।
सिंह ने सेना की तर्ज पर राज्य पुलिस में भी वन रैंक वन पेंशन, पुलिस कर्मियों के लिए भर्ती का 15 फीसदी कोटा आरक्षित करने, मेडिकल अलाउंस 300 से 1000 रुपये करने की मांग की।
इस अवसर कश्मीर संभाग के सभी जिलों के प्रधानों को भी नियुक्त किया गया। इनमें श्रीनगर के लिए नजीर अहमद, गांदरबल से गुलाम हसन, बांदीपोरा से मोहम्मद शफी, बारामुला से नक्श बंदी, कुपवाड़ा से अली मोहम्मद, बडगाम से मोहीउदीन, कुलगाम से अब्दुल रहमान, पुलवामा से मोहम्मद यूसुफ, अनंतनाग के लिए मंजूर अहमद और शोपियां के लिए गुलाम नबी को प्रधान बनाया गया।