पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किए जाने पर पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने कहा, पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को 70 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने पाकिस्तान को फ्रॉड और विद्रोही शासन बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी फौज और आईएसआई एफएटीएफ टीम के दौरे से पहले दुनिया को गुमराह कर रही है। वहीं, रक्षा विशेषज्ञ डीपी पांडे ने एलएसी पर चीन के रुख में नरमी आने की बात कही है।
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वैद के अनुसार, भारतीय खुफिया जानकारी बताती है कि 19 आतंकी पाकिस्तान में ही हैं। इन आतंकियों को एफएटीएफ टीम के दौरे से पहले भगोड़ा दिखाया जा रहा है। यह हकीकत नहीं है, क्योंकि वे गिरफ्तार के तौर पर दिखाना नहीं चाहते। उन्होंने अजहर मसूद का उदाहरण दिया, जिसे पहले अफगानिस्तान में बताया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसके परिवार के 11 सदस्य मारे गए थे। यूएन द्वारा घोषित अन्य आतंकवादी भी अंतरराष्ट्रीय दौरा नहीं कर सकते। वैद ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया को गुमराह करने के लिए धोखा कर रहा है। उन्होंने एफएटीएफ और संयुक्त राष्ट्र संगठनों से पाकिस्तान को विद्रोही शासन समझने का आग्रह किया। पाकिस्तान की फौज आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के रूप में चलाती है। ब्रिक्स में पहलगाम हमले की निंदा से भी पाकिस्तान पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
'अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की कोशिश'
पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किए जाने पर पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने कहा, पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को 70 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ), को गुमराह करने की कोशिश प्रतीत होती है। एफएटीएफ की एक टीम अक्टूबर में पाकिस्तान का दौरा करने वाली है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान एफएटीएफ की निगरानी सूची या प्रतिबंधात्मक सूची में शामिल होने से बचने की कोशिश कर रहा है। यह पाकिस्तान की सेना और प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की एक और कोशिश है।
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#WATCH | Jammu, J&K | On Pakistan announcing a reward of PKR 70 lakh on Jaish-e-Mohammed (JeM) chief Masood Azhar, Former DGP Dr S P Vaid says, "Pakistan has announced a bounty of Rs 70 lakh for Jaish-e-Mohammed chief Masood Azhar. This appears to be an attempt to hoodwink the… pic.twitter.com/ibWqlPtxzD
एलएसी पर चीन का रुख
रक्षा विशेषज्ञ डीपी पांडे ने बताया कि 2025 के मुकाबले एलएसी पर सैनिकों की तैनाती कम हुई है। गलवान के बाद दोनों तरफ काफी तनाव था और सेनाओं का बड़ा जमावड़ा हो गया था। चीन को धीरे-धीरे समझ आया कि भारत के साथ बातचीत का रास्ता बेहतर है। भारत ने स्पष्ट किया कि सीमा पर रिश्ते सुधरने तक व्यापार प्रतिबंध नहीं हटेंगे। इसके बाद से चीन के रुख में काफी नरमी आई है।
चीन पर सतर्कता जरूरी
पांडे ने चेतावनी दी कि भारत को चीन पर सौ फीसदी विश्वास नहीं करना चाहिए। शी जिनपिंग भी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आए थे और सुरक्षा पर बात की थी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को एलएसी पर पूरी तरह सजग रहना चाहिए। सेना के वरिष्ठ अधिकारी वहां हमेशा निगरानी रखेंगे, यह सुनिश्चित करना होगा। चीन के पास इस समय काफी अंदरूनी और बाहरी परेशानियां हैं।