जम्मू। विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार को पूर्व डीएसपी देविंदर सिंह की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। देविंदर सिंह पर एक बड़े आतंकी साजिश मामले में मुकदमा चल रहा है। अदालत ने कहा कि जमानत देने के लिए कोई ठोस और वास्तविक आधार सामने नहीं आया।
देविंदर सिंह ने एक माह की अंतरिम जमानत मांगी थी ताकि वह अपने बेटे के एमबीबीएस काउंसिलिंग में साथ जा सके। पैतृक संपत्ति बेचकर आर्थिक इंतजाम कर सके और अपने बीमार पिता से मिल सके लेकिन अदालत ने पाया कि आरोपी अपने बेटे की पात्रता, काउंसिलिंग से जुड़ी कोई जानकारी या पिता की तबीयत से जुड़े कागजात पेश नहीं किए। एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली पूर्व पुलिस अधिकारी है और उसे राहत देने पर वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। गवाहों को डरा सकता है या मुकदमे से भाग सकता है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अहम गवाह जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, पहले ही बयान दे चुके हैं और मामला प्राथमिकता पर चल रहा है।
देविंदर सिंह को जनवरी 2020 में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से तीन अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद हुए थे। उस पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप है। मामला भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज है।