पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी खजूरिया के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। विद्यार्थी जीवन से ही एमएम खजूरिया ने अपनी नेतृत्व क्षमता से कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाए।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक और जेके पुलिस से आईपीएस कैडर में शामिल होने वाले पहले स्थानीय अधिकारी एमएम खजूरिया का बुधवार को निधन हो गया।
विज्ञापन
11 जून 1931 में जन्मे खजूरिया जम्मू-कश्मीर से दूसरे स्थानीय डीजीपी (16 जनवरी 1985 से 25 मई 1986) थे। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह समेत अन्य आला अफसरों ने खजूरिया के निवास स्थान पर पहुंचकर परिवार सदस्यों को ढांढस बंधाकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
वहीं पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी खजूरिया के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। विद्यार्थी जीवन से ही एमएम खजूरिया ने अपनी नेतृत्व क्षमता से कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाए।
विज्ञापन
स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा के आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 1954 में उन्होंने पुलिस सेवा ज्वाइन की और आईपीएस अधिकारी बनने वाले वह जम्मू-कश्मीर के पहले निवासी बने।
पुंछ आंदोलन में उन्हें विशेष आयुक्त नियुक्त किया गया। इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले वह पहले अधिकारी थे। पुलिस विभाग में सेवाकाल पूरा करने के बाद भी वह सामाजिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रहे। एमएम खजूरिया अपने पीछे तीन बेटियां व दामाद छोड़ गए हैं।