हाईकोर्ट के जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतर और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसले में रियासत के पूर्व डिप्टी सीएम मंगत राम शर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया।
जिसमें उन्होंने राज्य सतर्कता आयोग के 26 अक्तूबर 2007 के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। खादी विलेज इंडस्ट्रीज बोर्ड (केवीआईबी) के तत्कालीन चेयरमैन और पूर्व डिप्टी सीएम मंगत राम, बोर्ड के दो पूर्व सचिव जेपी सिंह और आरसी शर्मा के खिलाफ नियमों को ताक पर रख नियुक्तियां करने का आरोप लगा था।
आयोग ने इन आरोपों की नियमित रूप से जांच करने के आदेश दिए थे। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने 27 नवंबर 2007 को जांच पर लगे स्टे आर्डर को हटा लिया और सतर्कता आयोग की ओर से नियमित जांच के दिए आदेश को बहाल कर दिया।