पहलगाम हमले का दंश भुला पर्यटन एक्सप्रेस ने प्रदेश में एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और कटड़ा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने इस गाड़ी पर जबरदस्त दम लगाया है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद निराशा के दौर से गुजर रहे पर्यटन व्यवसाय को भी इससे बूस्ट अप मिला है। कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
उधर, सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में पहुंचने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा जारी किया। इनमें जून तक प्रदेश में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का ब्योरा दिया गया है।
अलबत्ता, शेखावत ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय पर्यटन पर निर्भर हितधारकों पर क्या आर्थिक प्रभाव पड़ा है, इसका कोई आकलन नहीं किया गया है।अगर इस आंकड़ेबाजी को दरकिनार कर दिया जाए तो जून-जुलाई महीने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन की दृष्टि से बेहतरीन रहे हैं।
श्री अमरनाथ यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा जहां पहले 20 दिन में ही करीब साढ़े तीन लाख का आंकड़ा छू चुका था, वहीं माता वैष्णो देवी यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या जून में ही करीब साढ़े नौ लाख पहुंच चुकी थी। अगर कटड़ा से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की बात की जाए तो पहले महीने में ही 50 हजार से अधिक पर्यटक सफर कर चुके थे। इससे साफ है कि पर्यटन की गाड़ी अब पहलगाम हमले की छाया से आगे निकल चुकी है।