राजस्व रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने राजस्व विभाग के कई अफसरों पर केस दर्ज किया है। हलका सतवारी/चट्ठा के तत्कालीन पटवारी सतवंत सिंह, तत्कालीन तहसीलदार (सेटलमेंट) बलवंत राज, जतिंदर सिंह औलख (निवासी गांव खंडवाल) और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने रिकार्ड से छेड़छाड़ कर जमीन का मालिकाना हक बदल दिया।
शास्त्री नगर निवासी डा. कुंवर गुनीत सिंह ने क्राइम ब्रांच को शिकायत की कि उनके दादा की गांव खंडवाल में बड़ी जमीन है। उनके दादा के निधन के बाद जमीन उनके पिता और चाचा के नाम हो गई। चट्ठा के पास खसरा आठ में 36 कनाल और खसरा 67 में बीस कनाल जमीन है।
यह जमीन गांव खंडवाल से सटती है। आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए राजस्व अभिलेखों में हेर-फेर कर जमीन का मालिकाना हक बदल दिया।
असल में जमीन का बंदोबस्त नहीं किया
वर्ष 2000 में जतिंदर सिंह औलख को उक्त जमीन का मालिक बनाने के लिए भू राजस्व अधिनियम की धारा 121 के तहत खंडवाल की जमीन का उत्परिवर्तन नंबर 667/1 और चट्ठा की जमीन का उत्परिवर्तन नंबर 757 कर दिया गया, जबकि हकीकत यह है कि जमीन का बंदोबस्त नहीं किया गया।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने पाया कि वास्तव में उक्त जमीन मूल रूप से लोक नाथ के नाम है। तत्कालीन पटवारी हलका सतवारी/चट्ठा सतवंत सिंह और तहसीलदार बलवंत राज ने शिकायतकर्ता के चाचा विक्रमजीत सिंह औलख (अब जीवित नहीं) के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा तथा औलख के बेटे जतिंदर सिंह औलख (उस समय नाबालिग) को जमीन के गिरदवारी में स्वामित्व में शामिल कर लिया।
राजस्व अधिकारियों ने रुपयों के लालच में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भू राजस्व अधिनियम की धारा 121 के तहत उक्त जमीन की बंदोबस्ती की। जांच रिपोर्ट के आधार पर क्राइम ब्रांच ने आरोपियोें के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 467, 471, 478, 120-बी के तहत केस दर्ज कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।