वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए तकनीकि का सहारा लेना शुरू कर दिया है। जंगल में लगने वाली आग के सटीक स्थल की जानकारी के लिए उसने कश्मीर में जीपीएस आधारित ‘फारेस्ट फायर मानिटरिंग एप’ का प्रयोग शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि इस एप से जरिए घटनास्थल की सटीक जानकारी मिलने से आग को बढ़ने से रोका जा सकेगा और नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकेगा।
वन विभाग ने कर्मचारियों को फील्ड पर एप का उपयोग करने का निर्देश भी दिया है। वन कर्मियों को तकनीक के प्रति जागरूक करने के लिए वर्कशाप का भी आयोजन किया जा रहा है।
"विभाग इस ड्रोन बेस्ड प्रणाली से जंगलों की निगरानी करने पर विचार कर रहा है। विभाग ने हाल ही में फारेस्ट फायर मानिटरिंग एप को लांच किया है। इससे जंगलों में लगी आग को रोकने में मदद मिलेगी।" - फयाज अहमद शाह, प्राइवेट सेक्रेटरी, वन विभाग