श्रीनगर में नए हाईकोर्ट कांप्लेक्स के निर्माण के लिए बेमिना में रख-ए-गुंड अक्सान में 250 कनाल भूमि का आवंटन किया गया है। इस कांप्लेक्स में मध्यस्थता केंद्र, फूड कोर्ट, पुलिस व सुरक्षा ढांचा, न्यायिक प्रशासन की आवासीय सुविधा, कन्वेंशन सुविधा, पार्किंग, फायर स्टेशन का भी प्रावधान होगा। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर राज्य वन निगम (जेएंडके एसएफसी) की जगह कंपनी एक्ट,2013 के तहत जम्मू कश्मीर वन विकास निगम (जेएंडके एफडीसी) का गठन किया गया है।
जेएंडके एसएफसी से नए निगम को सभी संपत्ति और देनदारियों को स्थानांतरित किया जाएगा। नए नियम बनने तक सभी स्थायी स्टाफ पहले की तरह अपनी सेवाएं देता रहेगा। यह फैसला उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक काउंसिल (एसी) की बैठक में लिया गया।
प्रशासनिक परिषद ने जेएंडके एफडीसी की वित्तीय, कानूनी, प्रशासनिक स्थिति, कार्यों और कार्यक्षेत्र पर एक रोल आउट योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों की एक समिति के गठन को मंजूरी दी है। जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद जेएंडके एफडीसी का गठन किया गया है।
कंपनी के पंजीकरण के लिए अधिकृत शेयर पूंजी 10 करोड़ रुपये में तय की गई थी, जो प्रत्येक के 1 लाख इक्विटी शेयरों में विभाजित थी। निदेशक मंडल में वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग, वित्त, उद्योग और वाणिज्य, ग्रामीण विकास, जनजातीय मामलों के के प्रशासनिक सचिवों के अलावा प्रधान वन संरक्षक और प्रबंध निदेशक, जेकेएफडीसी शामिल होंगे।
वहीं, हाईकोर्ट को दिसंबर 2019 में दिए गए 250 कनाल जमीन से अतिरिक्त जमीन आवंटित करने का फैसला श्रीनगर शहर में भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। 500 कनाल पर न्यायिक ढांचे के निर्माण से एक ही स्थान पर लोगों को न्याय उपलब्ध हो सकेगा।