रियासत में अठारह जनवरी 2016 से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र में खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मुद्दा गर्माने के आसार हैं।
नेकां और कांग्रेस को अधिनियम की मौजूदा रूपरेखा से कई आपत्तियां हैं और इस मामले को विधानसभा में उठाने की रणनीति बनाने की तैयारी में जुटी हुए हैं।
नेकां के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर का कहना है कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार बड़े-बड़े वादे तो पूरे नहीं कर पाई, उल्टे लोगों को राशन के लिए भी परेशान किया जा रहा है। सागर का कहना है कि नेकां विपक्षी दल होने के नाते इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी को पूरी करेगी।
कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं पूर्व मंत्री नवांग रिगझिन जोरा का कहना है कि जहां तक खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने का मामला है तो रियासती सरकार होम वर्क किए बिना ही एक फरवरी, 2016 से इसे लागू करने जा रही है। जल्दबाजी में इस मामले पर कदम उठाए जाने से रियासत के राशन कार्ड धारकों को नुकसान पहुंच सकता है।