जम्मू कश्मीर के उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एक्ट लागू करने की तैयारियों के बीच डाटाबेस संकलित करने में बड़ी विसंगतियां सामने आई हैं।
विभाग ने डाटाबेस में एक मुस्लिम व्यक्ति के नाम पर एक सिख की फोटो लगा दी। दूसरे केस में विभाग ने एक व्यक्ति के डाटाबेस में शादी में एक अन्य पुरूष का नाम लिख दिया, जो हो सकता है कि वह उसका पुत्र हो।
जबकि घाटी में एक आम शिकायत ये है कि डाटाबेस में वास्तिविक लोगों को बाहर रखा गया है, जबकि गलत नामों को डाटाबेस में भर दिया गया है।
अधिकवत्ता केएम दर का कहना है कि मेरे तीन बेटों में केवल एक ही बेटे को मेरे नाम के साथ जोड़ा गया है, जबकि विभाग ने जो पांच नाम जोड़े हैं, उन सभी को मैं नहीं जानता हूं।
उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग के डायरेक्टर एआर वार ने माना कि विभाग द्वारा 2012 में हुए सर्वे में कई गलतियां और विसंगतियां हो गई है।
वार ने कहा कि गलतियां हैं और हम इन्हें ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं। नए वेरीफिकेशन फार्म जारी हो गए हैं, जिसमें सही जानकारी भरकर उपभोक्ता गलतियों को ठीक करा सकते हैं। अभी डाटाबेस को तैयार करने का काम चल रहा है।