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Jammu News: पहलगाम हमले व ऑपरेशन सिंदूर के बाद आंतरिक सुरक्षा पर फोकस

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गृहमंत्री अमित शाह का दौरा: अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती
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पाकिस्तानी गोलाबारी प्रभावित इलाकों के लिए राहत पैकेज पर भी सबकी नजर
पहलगाम के गुनाहगार, छात्रू में मुठभेड़ में शामिल आतंकी अब भी पकड़ से बाहर

अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 29 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं। शाह ने 22 अप्रैल की शाम को पहलगाम के बायसरन में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद कश्मीर का दौरा किया था। अगले दिन वह बायसरन भी गए थे। सात से 10 मई तक चले ऑपरेशन सिंदूर के बाद गृहमंत्री का केंद्र शासित प्रदेश का यह पहला दौरा है। वीरवार की शाम को वह राजभवन में बैठक करेंगे। बैठक मेें फोकस पहलगाम हमले व ऑपरेशन सिंदूर के बाद आंतरिक सुरक्षा पर होगा। खासकर जम्मू की सुरक्षा स्थिति प्रमुख मुद्दा होगी।
बैठक में तीन जुलाई से नौ अगस्त तक होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस साल तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा बंदोबस्त पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बुरी तरह से हार से हताश पाकिस्तान पर देश भरोसा नहीं कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी पर्यटन कारोबार को पटरी पर लाने के लिए सकुशल अमरनाथ यात्रा की वकालत कर चुके हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा बनाए रखना बड़ी चुनौती है। पहलगाम आतंकी हमले के गुनाहगार अभी तक पकड़ से बाहर हैं। इसके अलावा पिछले दिनों छात्रू में हुई मुठभेड़ में शामिल आतंकी भी पकड़ में नहीं आ सके हैं। ऐसी स्थिति में शाह की यात्रा बहुत अहम मानी जा रही है।
कई आतंकियों के पकड़ में न आने से अमरनाथ यात्रा की संवेदनशीलता भी बढ़ी हुई है। डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, राजोरी और पुंछ जिलों के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों की मौजूदगी है, यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
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विशेष पैकेज की घोषणा पर निगाहें
शुक्रवार को शाह सीमावर्ती जिले पुंछ का दौरा करेंगे और नागरिक क्षेत्रों में पाकिस्तानी गोलाबारी से हुए नुकसान का आकलन करेंगे। वह गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलेंगे। बड़ी संख्या में घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले हफ्ते पुंछ के दौरे पर आए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों में से एक को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार घरों और व्यावसायिक ढांचों को हुए नुकसान के लिए पैकेज की घोषणा करेगी। बीजेपी भी प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद राहत सहायता राशि बढ़ाने की वकालत कर चुकी है। ऐसे में सभी की निगाहें गृहमंत्री के दौरे पर है।


जम्मू-कश्मीर के लिए व्यापक वित्तीय पैकेज की घोषणा करें गृहमंत्री

जम्मू। नेशनल कांफ्रेंस ने केंद्रीय गृहमंत्री से जम्मू कश्मीर के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा करने की मांग की है। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि गृहमंत्री लोगों के लिए व्यापक वित्तीय पैकेज की घोषणा करेंगे, क्योंकि पुंछ सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान काफी नुकसान हुआ है।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग, खासकर पुंछ-राजोरी जिलों और अन्य सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को गोलाबारी में जान माल का नुकसान हुआ है। इस संघर्ष में 23 निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नुकसान चिंताजनक है। एक सुव्यवस्थित व्यापक वित्तीय पैकेज ही प्रभावित परिवारों की सहायता कर सकता है। इससे उन्हें आजीविका के पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के लंबे समय से चले आ रहे वादे को पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा, विशेष दर्जा खत्म हुए छह साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन आश्वासनों के अलावा, राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।ब्यूरो
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