- तवी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी व्यापारियों की चिंता, सरकार से पुख्ता इंतजाम की मांग
- खराब मौसम से धार्मिक यात्राओं पर असर, पर्यटन और कारोबार दोनों प्रभावित होने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुंछ और राजोरी में बादल फटने और लगातार बारिश के बाद तवी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से जम्मू के कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ से कारोबार पर पड़े असर की याद व्यापारियों को फिर सताने लगी है। उनका कहना है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो इसका असर केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि जम्मू के पूरे व्यापार पर पड़ेगा। खराब मौसम के कारण धार्मिक यात्राओं पर पड़े असर ने भी कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा और राहत कार्य हैं। राहत और बचाव में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। जम्मू का बड़ा कारोबार धार्मिक पर्यटन पर निर्भर है। इसलिए प्रशासन को हालात जल्द सामान्य करने और यात्राएं सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि व्यापार पर इसका असर कम से कम पड़े।
वेयरहाउस ट्रेडर्स फेडरेशन के महासचिव अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा का सबसे पहला असर बाजार पर पड़ता है। लोगों की आवाजाही घटते ही खरीदारी कम होने लगती है और माल की ढुलाई भी प्रभावित होती है। पिछले साल भी व्यापारियों को ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ा था। इस बार प्रशासन को पहले से तैयारी रखनी चाहिए, ताकि मुख्य सड़कें जल्द खुलें और माल की आवाजाही बिना रुकावट जारी रह सके।
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पिछले साल से सबक लेते हुए प्रशासन समय रहते कर ले जरूरी इंतजाम
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के सदस्य संजय बंसल ने कहा कि जम्मू की अर्थव्यवस्था में धार्मिक पर्यटन की अहम भूमिका है। यात्राएं प्रभावित होने का असर होटल, परिवहन, थोक और खुदरा व्यापार तक पहुंचता है। व्यापारियों को समय पर सड़कों और यातायात की सही जानकारी मिलनी चाहिए ताकि वे उसी के अनुसार माल की ढुलाई की योजना बना सकें। जरूरत पड़ने पर प्रभावित व्यापारियों को राहत देने जैसे कदमों पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। पिछले साल के अनुभव से सबक लेते हुए प्रशासन को समय रहते सभी जरूरी इंतजाम करने चाहिए, ताकि लोगों के साथ-साथ कारोबार को भी नुकसान से बचाया जा सके।