आयकर विभाग ने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को राहत देते हुए उन्हें नए पते पर आयकर रिफंड पहुंचाने का फैसला किया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कश्मीर में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को छोड़ अन्य स्थानों पर पनाह लिए हुए हैं या कुछ समय के लिए किसी अन्य पते पर रहने लगे हैं, ताकि अपने घर का निर्माण करने के बाद वापस लौटेंगे।
आयकर विभाग में उनके रिकार्ड में घर या व्यापारिक संस्थान का पता दर्ज है। विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि जिन करदाताओं ने इलेक्ट्रानिक रिटर्न भरा है, उन्हें बाढ़ के कारण आयकर रिफंड का चेक नहीं मिल पाया है। इस संबंध में आयकर विभाग ने फैसला लिया है कि ऐसे करदाता विभाग की वेबसाइट पर अपना वैकल्पिक पता दर्ज करवा सकते हैं।
उन्हें आयकर रिफंड का चेक नए पते पर भेजा जाएगा। बाढ़ से प्रभावित होने वाले करदाता सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बंगलूरू के हेल्प डेस्क नंबर 1800-425-2229 पर भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आयकर विभाग ने जम्मू कश्मीर के लोगों को रिटर्न भरने में भी छूट प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 1014-15 के दूसरे तिमाही के लिए टीडीएस-डीसीएस भरने की अंतिम तिथि में भी राहत प्रदान की है।