जम्मू। जम्मू संभाग में 26 अगस्त को आई बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने 72 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है। बाढ़ से करीब 128 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जिसमें पहले मंजूर हुई 72 करोड़ की राशि किसानों को बांटी जा चुकी है। अब शेष बचे प्रभावितों को नया बजट मिलते ही मुआवजा दिया जाएगा।
बाढ़ के कारण खेतों में मलबा और रेत भर गई थी जिससे फसलें पूरी तरह डूब गईं। विभाग के अनुसार करीब 50 हजार हेक्टेयर भूमि में नुकसान हुआ था। तबाही के बाद डेढ़ लाख किसान लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि स्थिति सुधरने पर किसानों ने अपने स्तर पर खेतों को साफ कर गेहूं की बीजाई की। राहत की बात करें तो एसडीआरएफ और उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से अब तक केवल 40 हजार किसानों को ही लाभ मिल सका है।
दो बार बनी रिपोर्ट
कृषि विभाग ने दो अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कीं। पहली रिपोर्ट में एक लाख हेक्टेयर में नुकसान मानते हुए 136 करोड़ रुपये मांगे गए थे जिसे बाद में संशोधित कर 53 हजार हेक्टेयर में 86 करोड़ का नुकसान दर्शाया गया। इसके अलावा बरसात में पशुधन को भी भारी क्षति पहुंची। लगभग दो हजार पशुओं और एक हजार से अधिक भेड़ों की मौत के बाद सरकार से आठ करोड़ रुपये की राहत मांगी गई है।
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बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था और पहले भी राहत राशि बांटी जा चुकी है। केंद्र को मुआवजे का फिर प्रस्ताव भेजा गया है जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
-अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग