कंसल के अनुसार पीआरसी धारकों के लिए केवल यह सर्टिफिकेट ही पर्याप्त होगा। विस्थापित कश्मीरी पंडितों को पीआरसी या पंजीकरण प्रमाणपत्र देने पर डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिलेगा। अब तक पंजीकृत न होने वाले विस्थापितों को भी डोमिसाइल मिलेगा।
2000 पंचायत लेखा सहायकों के पद भरने को मंजूरी
उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में पंचायत लेखा सहायकों के 2000 पदों को फास्ट ट्रैक आधार पर भरने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस फैसले से पंचायती राज संस्थानों की कार्यशैली और बेहतरी होगी।
इन पदों को जम्मू-कश्मीर के डोमिसाइल लोगों से ही भर्ती नियमों के तहत भरा जाएगा। सेवा चयन भर्ती बोर्ड लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर भर्ती करेगा। साक्षात्कार नहीं होगा। पंचायतों की जिम्मेदारियां बढ़ने और इनको विकास कार्य के लिए फंड मुहैया करवाने को देखते हुए पंचायत लेखा सहायकों की भर्ती से पंचायतों के खर्च और लेखा का समुचित रखरखाव रखा जा सकेगा।
किन्नरों को भी अब मिलेगा पेंशन का लाभ
जम्मू-कश्मीर में किन्नरों को भी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत शामिल किया गया है। इसके तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन मिलेगी। प्रशासनिक परिषद के इस निर्णय से लगभग 2000 किन्नर लाभान्वित होंगे। विभाग की ओर से इसके लिए नया फार्म लाया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया सभी संवर्ग की तरह होगी। पेंशन का भुगतान बैंक खाते में होगा।