डेंगू का डंक जारी है। जम्मू के बाद जिला कठुआ और उधमपुर भी डेंगू से प्रभावित हुए हैं। तीनों जिलों में पाजिटिव मामलों का आना जारी है। सोमवार को पांच नए पाजिटिव मामलों के आने के साथ जम्मू संभाग में अब तक 33 मामले सामने आ चुके हैं।
इसमें कई बच्चे भी पीड़ित हुए हैं। नए मामलों में तीन जम्मू और एक-एक उधमपुर तथा बिलावर से सामने आया है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार पाजिटिव मामलों में पीड़ित के घर के आसपास पचास घरों को कवर करके मच्छरों के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। डेंगू को लेकर जागरूकता को बढ़ावा दिया गया है।
शहर और आसपास के अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीजों का आना जारी है। इनमें अधिकांश मरीजों में वायरल बुखार के साथ डेंगू के लक्षण भी पाए गए हैं। ऐसे मरीजों के खून के सैंपल जांच के लिए लैबोरेटरी में भेजे जा रहे हैं।
जीएमसी की माइक्रोबायोलॉजी लैब से अभी कई सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। विशेषज्ञों के अनुसार अभी अक्तूबर के आखिर तक तापमान में ज्यादा गिरावट न होने से डेंगू का आशंका बनी रहेगी।
नए मामलों में कंडी इलाकों में पानी को जमा करने वाले स्थल बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। इन इलाकों में कई-कई दिन बाद पानी आने से क्षेत्रवासी पानी को सप्ताह या इससे अधिक समय तक जमा रखते हैं, जिससे डेंगू के मच्छरों को पनपने की मदद मिल रही है।
डेंगू टेस्ट की कीमतें निर्धारित
उपभोक्ता एवं जनवितरण विभाग में जिला सांबा में डेंगू टेस्ट की कीमतें निर्धारित की हैं। इसमें ईयूएसए (एनएसआई) एंटिजस टेस्ट की कीमत 600 रुपये, आईजीएम की कीमत 630 रुपये और आईजीजी टेस्ट की कीमत 630 रुपये निर्धारित की गई है।
हालांकि अन्य प्रभावित जिलों में भी पहले से ही यह कीमतें निर्धारित कर दी गई हैं। निजी लैबों में डेंगू के टेस्ट पर हजारों रुपये वसूलने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। इसमें वायरल बुखार को भी पाजिटिव बताकर कई लैब लोगों को गुमराह कर रहे थे।