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अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ का आगाज: पोस्टर गैलरी से दिखाया 36 साल का संघर्ष, अन्य प्रदेशों से भी पहुंचे पंडित

Sat, 17 Jan 2026 11:56 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू के प्रवासी शिविर जगती में पांच दिवसीय अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ का शुभारंभ हुआ, जिसमें मंत्रोच्चारण और हवन के साथ महाअभियान आह्वान की शुरुआत की गई। पोस्टर गैलरी के माध्यम से कश्मीरी पंडितों के 36 वर्षों के संघर्ष और पनुन कश्मीर के संकल्प को प्रदर्शित किया गया।
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जगती में महाभियान आह्वान अष्ट भैरव जगदंबा महायज्ञ के दौरान पूजा करते कश्मीरी पंडित। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रवासी शिविर जगती में पांच दिवसीय अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ शुक्रवार से शुरू हो गया। मंत्रोच्चारण के बीच कश्मीरी पंडितों ने हवन कुंड में आहुति डालकर महाअभियान आह्वान का आगाज किया।

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यज्ञ स्थल पर पोस्टर गैलरी के जरिये आगुंतकों और विशेषकर युवाओं को बताया गया कि कैसे कश्मीरी पंडितों को बेघर किया गया। 36 साल के संघर्ष से अवगत कराया गया। यूथ फॉर पनुन कश्मीर द्वारा आयोजित महायज्ञ 20 जनवरी तक चलेगा। जगती स्थित परिसर में दोपहर करीब एक बजे पुरोहितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही दर्जनों कश्मीरी पंडितों ने हवन कुंड में आहुति डालकर शुभ कार्य की शुरुआत की।

यूथ फॉर पनुन कश्मीर के अध्यक्ष राहुल कौल, अध्यक्ष विट्ठल चौधरी, उपाध्यक्ष सुनील रैना और महायज्ञ के समन्वयक साहिल पंडिता समेत अन्य लोग पूजा-अर्चना में शामिल हुए। अध्यक्ष राहुल कौल ने बताया कि महायज्ञ को महाअभियान आह्वान नाम दिया गया है जो कश्मीरी हिंदू सभ्यता का आध्यात्मिक युद्धघोष और राष्ट्रीय जागरण है। यह अटूट संकल्प के साथ पनुन कश्मीर के संघर्ष के सबसे निर्णायक चरण में आगे बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में पहली बार धर्म की रक्षा और पनुन कश्मीर की प्राप्ति के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय यज्ञ में सभी अष्ट भैरवों और जगदंबा मां का सामूहिक आह्वान किया जाएगा।

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बयां किया दर्द : यूथ फॉर पनुन कश्मीर ने 1989 के दौर में विस्थापन का दर्द पोस्टर गैलरी मेंं लगाए गए सैकड़ों चित्रों के जरिये बयां किया है। करीब सौ मीटर लंबी गैलरी में फोटो के जरिये बताया है कि कैसे उन्हें बेघर कर घर को तबाह कर दिया गया। मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया। खेत-खलिहान छीन लिए। साथ ही समाज के महापुरुषों का भी चित्र लगाया है। इनमें महर्षि कश्यप का कटआउट सभी को आकर्षित कर रहा है।

निष्कासन में झलका अपनों को खोने गम : पोस्टर गैलरी में एक पोस्टर ‘निष्कासन का दर्द’ उन लोगों के नाम का भी लगा है जिनकी हत्या 1989 से 2004 के बीच आतंकियों ने कर दी। पोस्टर में 388 मृतकों के नाम है। इसके अलावा मारे गए प्रमुख लोगों में टीका लाल टपलू, प्रेम नाथ भट्ट, सर्वदानंद प्रेमी, नीलकंठ गंजू, राजनाथ धर, आरके काव, पीएन राजदान, सुरिंदर कुमार कौल, बीके गंजू, सतीश टिकू, ओएन वाली, रविंद्र कुमार पंडिता, टीएन अंबरदार, तेज कृष्ण पंडिता, वीर भट्ट, चुन्नी लाल, बंशी लाल सप्रू, बलदेव राज दत्ता, अशोक कुमार भट्ट, राधा कृष्ण कौल, जीएन रैना, चंद खेर, वीरेंद्र कौल, जेएन पंडिता, गुलशन लाल लांबा, अश्वनी, शीला कौल टिकू, दिलीप कुमार खांजची की फोटो लगी है।
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