बयां किया दर्द : यूथ फॉर पनुन कश्मीर ने 1989 के दौर में विस्थापन का दर्द पोस्टर गैलरी मेंं लगाए गए सैकड़ों चित्रों के जरिये बयां किया है। करीब सौ मीटर लंबी गैलरी में फोटो के जरिये बताया है कि कैसे उन्हें बेघर कर घर को तबाह कर दिया गया। मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया। खेत-खलिहान छीन लिए। साथ ही समाज के महापुरुषों का भी चित्र लगाया है। इनमें महर्षि कश्यप का कटआउट सभी को आकर्षित कर रहा है।
निष्कासन में झलका अपनों को खोने गम : पोस्टर गैलरी में एक पोस्टर ‘निष्कासन का दर्द’ उन लोगों के नाम का भी लगा है जिनकी हत्या 1989 से 2004 के बीच आतंकियों ने कर दी। पोस्टर में 388 मृतकों के नाम है। इसके अलावा मारे गए प्रमुख लोगों में टीका लाल टपलू, प्रेम नाथ भट्ट, सर्वदानंद प्रेमी, नीलकंठ गंजू, राजनाथ धर, आरके काव, पीएन राजदान, सुरिंदर कुमार कौल, बीके गंजू, सतीश टिकू, ओएन वाली, रविंद्र कुमार पंडिता, टीएन अंबरदार, तेज कृष्ण पंडिता, वीर भट्ट, चुन्नी लाल, बंशी लाल सप्रू, बलदेव राज दत्ता, अशोक कुमार भट्ट, राधा कृष्ण कौल, जीएन रैना, चंद खेर, वीरेंद्र कौल, जेएन पंडिता, गुलशन लाल लांबा, अश्वनी, शीला कौल टिकू, दिलीप कुमार खांजची की फोटो लगी है।