आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी मंत्रालय (आयुष ) की ओर से जम्मू कश्मीर में पहले सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, शालतेंग (श्रीनगर) को मंजूरी दी गई है। कॉलेज में इसी सत्र से अंडर ग्रेजुएट (बीयूएमएस) 60 सीटों का बैच शुरू होगा। इस कॉलेज के शुरू होने से प्रदेश के नागरिकों के लिए एलोपैथी के साथ अन्य चिकित्सा यूनानी प्रणाली का विकल्प खुल जाएगा। इससे पहले कॉलेज के लिए लेटर ऑफ इंटेंड मिला था, जिसके बाद अब लेटर ऑफ परमिशन मिल गई है।
कॉलेज में जरूरी औपचारिकताओं को पूरी करने के लिए हाल ही में सीसीईएम (सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन) की टीम ने अस्पताल का दौरा किया था। कॉलेज के लिए अन्य बची हुई औपचारिकताओं को 31 दिसंबर 2020 तक पूरा करने को कहा गया है। इसमें न्यूनतम ढांचा, शैक्षणिक और प्रशिक्षण सुविधा शामिल होगी। सभी औपचारिकताएं इंडियन मेडिसन सेंट्रल काउंसिल एक्ट 1970 के तहत पूरी करनी होंगी।
जम्मू कश्मीर में औषधीय क्षेत्र का भंडार है, जिससे यूनानी कॉलेज शुरू होने से यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। इससे जम्मू-कश्मीर में एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति का विस्तार होगा। इसके साथ मेडिकल छात्रों को भी यूनानी प्रणाली में शामिल होने का मौका मिलेगा।
इसी सत्र से पहला बैच शुरू करने की तैयारी : निदेशक
आईएसएम के निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि इसी सत्र से पहले बैच को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें नीट में मेरिट के आधार पर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एग्जामिनेशन की ओर से युवाओं को यूनानी मेडिकल कालेज में सीट लेने का मौका मिलेगा।