जम्मू-कश्मीर में कोविड की दूसरी लहर के धीमे पड़ने के बीच बुधवार को जम्मू में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला मिलने से हड़कंप है। इस वैरिएंट को कोविड की गंभीर श्रेणी में रखा गया है और भारत में अब तक 40 ही ऐसे मामले मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी सी लापरवाही से कोविड का यह नया वैरिएंट सामुदायिक स्तर पर घातक हो सकता है।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने बताया कि तालाब तिल्लो निवासी 30 वर्षीय व्यक्ति में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। वह नारायणा अस्पताल ककरियाल में गत 15 मई को संक्रमित पाया गया था और उसका सैंपल जिनोमिक जांच के लिए एनसीडीसी नई दिल्ली में भेजा गया था। जांच में इस वैरिएंट के मिलने का पता चला है।
संक्रमित व्यक्ति को कोविड वैक्सीन भी दी गई थी। भारत उन दस देशों में शामिल है, जहां डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है। देश में अब तक ऐसे 40 मामले मिले हैं। जिन राज्यों में अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। पीड़ित में संक्रमण के दौरान कोविड के अधिक लक्षण नहीं थे।
कोविड प्रोटोकाल का पालन करें लोग
जीएमसी प्रशासन की ओर से बुधवार देर शाम तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के पीड़ित को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे थे। देश के विभिन्न हिस्सों में इस वैरिएंट का प्रसार होने से संक्रमण का दोबारा प्रसार हो रहा है। ऐसे में नए वैरिएंट की दस्तक ने दोबारा सतर्कता बढ़ा दी है। ऐसी परिस्थितियों में आम लोगों की भागीदारी और जिम्मेदारी बढ़ गई है, जिसमें वे सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके नए वैरिएंट से बच सकें।