अरनिया से खबर है कि एनकाउंटर में सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया है। सेना ने चार आतंकियों का खात्मा कर दिया है। इनमें से तीन आतंकी कल ही मारे गए थे जबकि चौथा आतंकी सुबह मारा गया था।
इसके बाद सेना द्वारा चलाए गए फाइनल ऑपरेशन में सेना ने बंकर पर हमला करके बचे हुए सभी आतंकियों को खत्म कर दिया है। अरनिया के कथार गांव के आसपास अभी भी सेना का सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
सेना यह आश्वस्त करना चाहती है कि आसपास के बंकरों या हाइडआउट में कोई आतंकी छिपा न हो। सेना ऐसी सभी जगहों को नष्ट कर रहे हैं जहां आतंकियों के छिपे होने की संभावना हो सकती है। इसके लिए सेना ड्रोन विमान की मदद भी ले रही है। अभी सेना ने एनकाउंटर खत्म होने की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
आतंकियों ने नशा किया हुआ था
हमारे संवाददाता के अनुसार आतंकियों ने भारी मात्रा में नशा किया हुआ था ताकि वह लंबे समय तक सेना पर हमला कर सकें। कल मारे गए एक आतंकी के एक हाथ में हैंड ग्रेनेड और शरीर पर आईईडी बांधी हुई थी ताकि वह खुद को ब्लास्ट कर सके।
शुरू से ही इसकी संभावना जताई जा रही थी कि आतंकी फिदायीन हमला करने के लिए भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। आईईडी से इसकी तसदीक होती है।
जम्मू के अरनिया सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के बीच आतंकियों को बचाने की मंशा से पाकिस्तानी रेंजर्स ने भी भारतीय जवानों को निशाना बनाया था। लेकिन पाकिस्तानी रेंजर्स की यह नापाक करतूत भी आतंकियों को नहीं बचा सकी।
बंकर के भीतर से सेना को निशाना बना रहा आतंकी
आतंकियों के खिलाफ सेना ने अपना ऑपरेशन सुबह फिर से शुरू किया था। सुबह ही सेना ने चौथा आतंकी मार गिराया था। इसके बाद भी बंकर में कई जगह से फायरिंग की जा रही थी।
आतंकियों को बंकरों से निकाले के लिए सेना ने भी भारी फायरिंग की। आतंकियों को बाहर निकालने के लिए सेना ने टैंकों का इस्तेमाल करने से पहले हैवी रॉकेट लांचर का इस्तेमाल किए। पहले सेना रॉकेट लांचर द्वारा बंकर को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया।
बता दें कि रात के समय सेना ने अंधेरा होने के कारण अपना ऑपरेशन रोक दिया था। सुबह सेना अपनी रणनीति तैयार कर ही रही थी कि आतंकियों ने एक बार फिर से बंकर के भीतर से फायरिंग शुरू की।
सेना के जवानों ने भी आतंकियों को जवाब दिया। इसके बाद आतंकियों को बंकर समेत खत्म करने के लिए सेना ने अपने टैंकों की दिशा बंकर की तरफ कर दी थी।
सलवार कमीज, जूते और अन्य जरूरी कागताज मिले
आतंकी हमले में अब तक चार आतंकी, तीन सेना के जवान और पांच नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पीएम मोदी के जम्मू दौरे से ठीक एक दिन पहले वीरवार को सुबह आतंकियों ने सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर आतंकियों ने हमला किया था।
सेना की वर्दी में आए इन आतंकियों से लोहा लेते हुए सेना के तीन जवान भी शहीद हो गए। सेना के प्रवक्ता लेफ्टीनेंट कर्नल मनीश मेहता और आईजी जम्मू राजेश कुमार का कहना है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान पिंडी गांव के नाले पर बनी एक पुलिया के नीचे से चार सलवार कमीज, जूते और अन्य जरूरी कागताज मिले हैं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि आतंकियों ने यहीं पर कपड़े बदल कर सेना की वर्दी पहनी होगी। सेना की वर्दी पहनने के बाद आतकी मारुति कार में सवार होकर सेना के बंकर तक पहुंचे थे। इसी बंकर में छिपकर आतंकियों ने सेना के जवानों को निशाना बनाया था।
टैंक से बंकर को उड़ाने की योजना तैयार
बता दें कि सेना के यह बंकर 1971 युद्ध के समय बनाए गए थे। यह बंकर इतने मजबूत हैं कि इन्हे आसानी से भेद पाना सेना के लिए भी मुश्किल साबित हो रहा है। तभी सेना ने टैंक से बंकर को उड़ाने की योजना तैयार की।
क्या बोले गांव वाले
गांव वालों का कहना है कि उन्होंने गुरूवार सुबह कुछ लोगों को सेना की वर्दी में भारी हथियारों से लैस देखा था। बताया जा रहा है कि बंकर में छिपने से पहले आतांकियों ने एक बाइक सवार को भी मार डाला था।
इसके बाद उन्होंने मारुति कार में सवार दो लोगों को मार डाला और इसी कार में बंकर तक पहुंचे। यह कार बाड़ी ब्रह्मणा निवासी युवक की थी। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कार इतनी दूर पहुंची कैसे।