जम्मू। नशा तस्करी से जन्मा गुगली गैंग जानलेवा हमले और गैंगवार से ऊपर उठ चुका है। गिरोह अब पुलिस से मुठभेड़ जैसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हट रहा है। सरगना से लेकर गुर्गों पर अलग-अलग थानों में 12 एफआईआर दर्ज हैं। मंगलवार को मिनी मार्केट ग्रीन बेल्ट एरिया में हुई पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
टीम पर सरेआम हमला करके फरार हुए गैंग के सरगना और उसके अन्य सदस्यों को दबोचने के लिए पुलिस ने नेशनल हाईवे (एनएच) पर चौकसी बढ़ा दी है। हाईवे और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गैंग मुख्य रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा शराब की सप्लाई करती है। गिरोह दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में बड़े स्तर पर सक्रिय है जहां यह नशे की सप्लाई व बिक्री करा रहा है। शराब की तस्करी के तार हरियाणा और पंजाब से जुड़े हैं। पूरे गैंग में छोटे अपराधियों और तस्करों का नेटवर्क काम कर रहा है जिसके दम पर गैंग हमेशा पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहती है। एसएचओ जयपाल के अनुसार आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं लेकिन तलाश जारी है।
12 से ज्यादा टीमें कर रहीं तलाश
गुगली गैंग के सरगना की धरपकड़ के लिए पुलिस की 12 से ज्यादा टीमें लगातार छापे मार रही हैं। मिनी मार्केट ग्रीन बेल्ट में पुलिस ने एसओजी की सहायता से बदमाशों को घेरा था मगर वे फायरिंग कर भागने में कामयाब रहे। अब पुलिस अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर पूछताछ कर रही है। वारदात के दौरान आरोपी कार में आए थे और बाहर नहीं निकले थे। उन्होंने मुख्य सड़क से गांधी नगर में प्रवेश किया और सीधा ग्रीन बेल्ट इलाके में घुस गए।
रंजिशन हुई गैंगवार
26 मई : जम्मू में पुलिस और एसओजी की टीम के साथ सीधी मुठभेड़ और फायरिंग करके भाग जाना।
23 मई : हरिपुर मंडल (रिंग रोड, जम्मू) में गुगली गैंग और पारस गैंग के बीच पुरानी रंजिश के चलते गैंगवार हुई थी। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलीं और धारदार हथियारों से हमला कर दो भाइयों को घायल कर दिया गया था।