जम्मू शहर के छन्नी रामा में रोहिंग्याओं की दो झुग्गियों में मंगलवार सुबह आग लग गई। इनमें रहने वाले लोगों ने किसी तरह से झुग्गियों से निकलकर जान बचाई, लेकिन इसी बीच एक 3 साल की मासूम बच्ची का किसी को ख्याल ही नहीं रहा और वह अंदर ही रह गई। बच्ची आग से बुरी तरह से झुलस गई और उसकी मौत हो गई। बच्ची की मां भी इसमें झुलसी है, जिसे अस्पताल भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार म्यांमार का अब्दुल राशिद अपनी पत्नी कुरबा बेगम और 3 साल की बेटी आशिया के साथ छन्नी रामा में झुग्गी में रहता है। राशिद की झुग्गी के साथ ही एक अन्य दंपती मोहम्मद नूर और रबिया की भी झुग्गी है। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे झुग्गी में जलाई गई कछुआ छाप से निकली चिंगारी से झुग्गी में आग लग गई।
इसने एक अन्य झुग्गी को भी अपनी चपेट में ले लिया। गहरी नींद में सोये अब्दुल राशिद और उसकी पत्नी कुरबा को जब महसूस हुआ कि झुग्गी में आग लग गई है तो वे उठकर बाहर चले गए। इस बीच वे भूल गए कि अंदर उनकी बच्ची भी है। जब उनको बच्ची की याद आई तब तक झुग्गी पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई थी। कुरबा ने बच्ची को बचाने का प्रयास किया और खुद भी झुलस गई। आग से बुरी तरह झुलसी बच्ची को अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टरों ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि पिछले दो दिन में शहर में झुग्गियों में आग लगने की दो घटनाएं हो चुकी हैं।
नगरोटा: भूमि विवाद को लेकर दो गुटों में चले पत्थर
नगरोटा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भूमि विवाद को लेकर दो गुटों में जमकर पत्थर चले। इसमें चार लोग घायल हो गए। इन्हें जीएमसी में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह दो गुट एक खेत में पहुंच गए। यहां इन लोगों में बहसवाजी शुरू हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। इसी बीच दोनों तरफ से एक-दूसरे पर पत्थरों से हमला किया गया। इसमें गुलजार बीबी, गुलाम मोहम्मद, तालब हुसैन और लियाकत अली घायल हो गए। इन सभी को जीएमसी में भर्ती कराया गया है। नगरोटा थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने इसे लेकर काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।