1944 के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर दमकल सप्ताह का रविवार को आगाज हो गया। गांधी नगर स्थित विभाग के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आग बुझाने और आपदा के समय इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को प्रदर्शित भी किया गया।
दरअसल, मुंबई में वर्ष 1944 में भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें कुल 237 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें विभाग के 66 सदस्य भी शामिल थे। तब से दमकल विभाग हर साल 14 अप्रैल को शहीदी दिवस के रूप में मनाता है। इस सिलसिले में गांधी नगर में हुए कार्यक्रम में विभाग के एडीजीपी वीके सिंह बतौर मुख्य अतिथि उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
साथ ही कुछ महीने पहले रामबन में जवाहर टनल में बर्फीले तूफान में शहीद होने वाले दमकल विभाग के दो कर्मियों को भी श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखा गया। सिंह ने कहा कि दमकल विभाग के कर्मी बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। विभाग के पास बीते दस साल में 47229 काल आई। विभाग की टीम ने 1207 लोगों की जान बचाई है। 11296 करोड़ की संपत्ति आग की चपेट में आई, जिनमें से 10417 करोड़ की संपत्ति बचाई गई।
दमकल विभाग के खेमे में आएगा डॉग स्क्वायड
बहुत जल्द दमकल विभाग के पास अपना डॉग स्क्वायड भी होगा। इसमें चार कुत्ते बेलजियन शेफर्ड शामिल होंगे। इनको छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। मध्य प्रदेश के टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में इनकी ट्रेनिंग होगी। यह डाग स्क्वायड दमकल विभाग की रेस्क्यू अव सर्च टीम को काम करने में सहयोग करेगा। इसी तरह का डाग स्क्वायड एसडीआरएफ के लिए भी लाया जाएगा। एडीजीपी वीके सिंह ने बताया कि उन्होंने इसे लेकर एक प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है।
विशेष टीम करेगा जागरूक
गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। कुछ ही दिन के बाद पारा 40 के पार पहुंच जाएगा। ऐसे में आगजनी की घटनाओं में भी इजाफा होता है। इससे निपटने के लिए विभाग विशेष रूप से तैयारी कर रहा है। विभाग की कुछ टीमें तैनात की गई हैं। जो पूरे एक हफ्ता औद्योगिक क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों में आगजनी से बचने के लिए जागरूक करेंगे। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। बच्चों के लिए वाद विवाद, निबंध लेखन, संवाद और चित्रकारी प्रतियोगिता के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
कैंटीन का उद्घाटन
वीके सिंह ने गांधी नगर मुख्यालय में नई कैंटीन का भी उद्घाटन किया। साथ ही दमकल विभाग के थीम सांग को लांच किया। कई दमकल वाहनों और उपकरणों को इस मौके पर प्रदर्शित किया गया। माक ड्रिल कर उसके इस्तेमाल दिखाए गए। श्रीनगर, उधमपुर, सोपोर, गांदरबल, बांदीपोरा, डोडा, कठुआ, सांबा और रामबन में भी दमकल दिवस मनाया गया।
पुराना शहर अब भी चुनौती
दमकल विभाग के लिए शहर के पुराने शहर में अब भी आगजनी की घटना होने पर सेवा देना चुनौती है। क्योंकि शहर की तंग गलियों तक दमकल वाहन नहीं पहुंच पाते। विभाग ने कुछ छोटे वाहन लाएं हैं और लंबी पाइपों को भी लाया हुआ है। बावजूद इसके पुराने शहर की तंग गलियों में आग लगने पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।