कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनावी सभा को संबोधित करते हुए
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कांग्रेस एक व्यक्ति की पार्टी नहीं और न ही इस पार्टी में केवल एक व्यक्ति का बोलबाला है। भाजपा में केवल एक व्यक्ति बोलता है और बाकी सुनते हैं। कांग्रेस देश को बनाने वाली पार्टी है और सबकी सुनती हैं। पार्टी ने सबको बोलने का मौका दिया और सबको सुना तभी देश आज आजादी के बाद इस मुकाम पर हैं। पांच साल में अच्छे दिन का वादा करने वालों ने किस-किस को अच्छे दिन दिखाए जनता जानती है। उक्त बातें कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिलावर के फिंतर खेल मैदान में जनता को संबोधित करते हुए कहीं।
सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस अच्छे दिन का वादा नहीं करेगी लेकिन कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाकर आपके लिए सच्चे दिन लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि उनके दो दाता हैं। पहला किसान जो केवल अपना पेट ही नहीं भरता बल्कि पूरे विश्व का पेट भरता है। दूसरा मतदाता जो किसी आम व्यक्ति को उठाकर नेता बना देता है। किसानों के लिए कांग्रेस ने क्या किया यह तीन राज्यों में जीत के बाद किए एलान के साथ पूरा हुआ अब मतदाताओं की बारी है। यह मतदाता अगर किसी को नेता बनाते हैं, तो पांच साल बाद उसको धूल भी चटा सकते हैं।
नेता धूप में होगा और जनता छांव में होगी तभी विकास होगा और देश की जनता सुरक्षित होगी। कांग्रेस ने वो आग देखी है और इसी कारण लोग का मत इसे तलवार बनाएगा। कांग्रेस पार्टी ने ऐसा उम्मीदवार लोगों के सामने रखा है, जो दिमाग और दिल से दूध की तरह साफ है। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी कठुआ के प्रधान डॉ. मनोहर लाल शर्मा, पूर्व एमएलसी सुभाष गुप्ता, नेशनल कांफ्रेंस के नेता रोमी खजूरिया, देवेंद्र सिंह बिंदु, प्रेमलाल, ब्लॉक प्रधान डॉ. नरेंद्र व्यास सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
लगे चौकीदार चोर है के नारे
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जैसे ही प्रधानमंत्री को चौकीदार कहकर संबोधित किया तो पंडाल में चौकीदार चोर है के नारे गूंजने लगे। सिंधिया ने कहा कि इस समय अजीब तरंग है कि देश का पंत प्रधान कठुआ तभी आता है जब चुनाव की घंटी बजती है। पांच साल से कहां थे। उन्होंने कहा कि देश के चौकीदार ने 844 देशों की यात्रा की लेकिन नौजवान, महिलाओं के दुखों को दूर करने के लिए नहीं आए। हां नेताओं को झप्पी देने के लिए पहुंच जाते हैं। उनके विपक्षी के पास कोई तर्क हो तो उसे मानने के लिए तैयार हूं। लेकिन लोगों को भ्रम में रखने वालों को मानने के लिए तैयार नहीं। उन्होंने कहा कि देश ने सूखे की गर्मी देख ली, दूखों की बारिश देखी, नोटबंदी की सर्दी भी देख ली। लेकिन आज तक अच्छे दिन नहीं दिखे।