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यूएन दफ्तर पर भिड़े राम माधव-उमर अब्दुल्ला

Thu, 08 Dec 2016 07:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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राममाधव और उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
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यूएन मिलिट्री आब्जर्वर्स ग्रुप (यूएनएमओजी) के श्रीनगर में दफ्तर को लेकर भाजपा नेता राममाधव और रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोशल मीडिया ट्विटर पर भिड़ गए।
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माधव ने ट्वीट किया था कि इस दफ्तर की मौजूदगी से घाटी में अलगाववादियों में अनावश्यक उत्तेजना भड़कती है। अलगाववादियों को मार्च निकालने के लिए यह दफ्तर अनावश्यक उत्तेजना पैदा करती है।

माधव ने ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के रावलपिंडी में जब यह दफ्तर है तो श्रीनगर में क्यों हो? उन्होंने यह ट्वीट अलगाववादियों की ओर से 10 दिसंबर को यूएन दफ्तर चलो आह्वान को देखते हुए किया।
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  Jenab, not to put too fine a point on it but please correct what we failed to do in that case as you are in power in Centre & in the state. https://t.co/b8ZNZ4szfK — Omar Abdullah (@abdullah_omar) December 8, 2016
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ट्विटर पर हुई लंबी बहस

उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : PTI
उमर ने इस पर जवाब देते हुए ट्वीट किया कि यूएनएमओजी के दफ्तर को कहीं और क्यों नहीं शिफ्ट कर दिया जाता, क्योंकि उनकी पार्टी राज्य और केंद्र में दोनों ही जगह सत्ता में है।

इस पर माधव ने ट्वीट किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में नेशनल कांफ्रेंस भी पार्टनर रही है। 15 साल पहले सत्ता में रहते हुए ऐसा नहीं किया गया। उमर ने फिर ट्वीट किया कि केंद्र में नेकां और भाजपा के गठबंधन के दौरान किसी ने भी इस प्रकार की आवाज नहीं उठाई।   
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