ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने छबीलें लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई
लोगों ने सुबह स्नान कर अपने घरों में पूजा-अर्चना कर पितरों के नाम खरीदे बर्तन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा / मीरां साहिब। उप जिले में तमदेय पर्व शुक्रवार को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया। आरएस पुरा कस्बे सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने छबीलें लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई।
वहीं कई परिवारों ने घराें में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए फल, फूल और जल से भरे घड़े अर्पित कर तर्पण किया। तमदेह पर कई लोगों ने सुबह स्नान कर अपने घरों में पूजा-अर्चना कर पितरों के नाम खरीदे बर्तन व अन्य सामान दान किया और विवाहित बेटियों, कुल पुरोहित और ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दान दिया। कस्बे के रामेश्वरधाम में स्वामी प्रकाशनंद जी ने तमदेह के दिन के महत्व के बारे में मंदिर में पहुंचे भक्तजनों को कथा से रसपान करवाया। उन्होंने कहा कि तमदेह पर्व आषाढ़ संक्रांति के दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और यह दिन ऋतु परिवर्तन के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करने का महत्व है। वहीं कई गांव व कस्बों सहित क्षेत्रों में छबीलें लगाईं। कस्बे मुख्य बाजार में स्थानीय लोगों ने छबील लगाकर राहगीरों को पानी पिलाया। इस दौरान मीरां साहिब क्षेत्र में मंदिरों में लोगों ने दान करने केे साथ पूजा की। गांव कृष्णा नगर, इंदिरा नगर, ब्रिज नगर, प्रेम नगर, मीरां साहिब कस्बे सहित कई स्थानाें पर दिन पर लोगों को ब्रेड न्यूट्री सहित कई पदार्थों के स्टाल लगाकर जलपान करवाया।