जम्मू-कश्मीर में एनएचएआई के सभी टोल प्लाजा से गुजरने के लिए वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य होगा। टोल प्लाजा पर नकद भुगतान नहीं होगा और जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा उन्हें दोगुना टोल जुर्माने के तौर पर भरना पड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के परियोजना अधिकारी अजय कुमार रजक के अनुसार 15 फरवरी से सभी वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है।
यह वाहन चालकों के लिए उपयोगी है। इससे उन्हें नकद भुगतान, समय की बचत और ईधन बर्बाद कर टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और जम्मू पठानकोट हाईवे पर सभी टोल प्लाजा पर दोनों तरफ से फास्टैग के लिए काउंटर लगवाए गए हैं, ताकि जिन वाहनों में फास्टैग नहीं है वह विशेष काउंटरों से लगवा लें। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 15 फरवरी से वाहनों पर फास्टैग को देश भर में अनिवार्य किया जा रहा है।
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क्या है फास्टैग
फास्टैग रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन पर आधारित एक टैग है जो गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। वाहनों पर लगा यह फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक तरह से पढ़ा जाता है। आसान भाषा में समझें तो टोल प्लाजा पर लगे कैमरे से इसे स्कैन किया जाता है और टोल के शुल्क की डिजिटल पेमेंट हो जाती है। फिर टोल का फाटक खुल जाता है और इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लाइनें नहीं लगतीं। यह प्रक्रिया चंद सेकेंड में पूरी हो जाती है।