लोकसभा उपचुनाव में वर्ष 2017 में सेना की ओर से पथराव से बचने के लिए जिस फारूक अहमद डार को मानव ढाल बनाया गया था, वह इस चुनाव में चुनावी ड्यूटी पर तैनात रहा। बडगाम के सीएमओ नजीर अहमद ने बताया कि फारूक स्वास्थ्य विभाग में स्वीपर के पद पर तैनात है। उसकी चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है।
चिल्ली ब्रास गांव में उसकी मां फजी बेगम ने बताया कि वह गत बुधवार से चुनाव ड्यूटी के लिए गया है। कहा कि दो साल पहले चुनाव की वजह से ही वह अपने बेटे को लगभग खो चुकी थीं।
अब क्या सोचते हैं कि दोबारा वोट करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीप पर बांधे जाने की वजह से उनके बेटे का अंगूठा खराब हो गया है। इस वजह से अब वह शॉल पर काम नहीं कर पाता है। उपचुनाव के दिन एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सेना की ओर से फारूक को जीप के बोनट पर बांधे रखा दिखाया गया था।
यह था पूरा मामला
सेना पर हो रही पत्थरबाजी को रोकने के लिए 28 साल के बुनकर फारूक अहमद डार को 9 अप्रैल 2017 को रस्सी से बांधकर सेना की जीप के बोनट पर बांधकर करीब छह घंटे तक उसे उस इलाके के कई गांवों में घुमाया गया।
यह सब बीरवाह सब-डिस्ट्रिक्ट में भारतीय सेना के बडगाम कैंप के 53 राष्ट्रीय राइफल के मेजर लीतुल गोगोई के नेतृत्व में हुआ। लीतुल का कहना था कि पत्थरबाजों से बचने के लिए सेना का ऐसा करना जरूरी था। इसके बाद सरकार द्वारा मेजर को सम्मानित भी किया गया था।