जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में बहुमत के साथ चुनी जाती है तो आतंकवादियों के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन ऑल आउट का समर्थन नहीं करेगी। मैं राजनाथ सिंह से अनुरोध करता हूं कि चुनाव से पहले हुर्रियत को निमंत्रण भेजा जाए और पाकिस्तान से बात की जाए, यह बहुत महत्वपूर्ण है।
वह यहां एक सभा में बोल रहे थे। पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बात करना अनिवार्य था। जहां दमन होता है वहां हम कैसे किसी चीज का समर्थन कर सकते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे लोगों को उनके घरों में पीटा जाए। हम मानव अधिकारों के किसी भी उल्लंघन का समर्थन नहीं करने जा रहे हैं। हम एक आजाद देश में रहते है।
उन्होंने कहा कि 2016 की हत्याओं की जांच के लिए एक सुलह आयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हमारी पार्टी नई सरकार के रूप में रियासत की सत्ता संभालेगी तो सत्य और सुलह आयोग की नियुक्ति करेंगे। फारूक ने कहा कि महागठबंधन मजबूत है और आने वाले चुनाव में महागठबंधन को देश की जनता कामयाब बनाएगी।
फारूक ने कहा कि जनता अब जान चुकी है कि पीडीपी और भाजपा ने क्या किया। अब समय आ चुका है जब हम अपने दम पर सरकार बनाएंगे। इस मौके पर कई लोगों ने नेकां में शामिल होने की घोषणा की। इस मौके पर पार्टी के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर, नासिर असलम वानी आदि मौजूद रहे।