जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला शनिवार को दुर्गा अष्टमी के मौके पर प्राचीन 'दुर्गा नाग' मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में शांति और मानवजाति के कल्याण की प्रार्थना की।
फारूक अब्दुल्ला मंदिर में पहुंचे तो कश्मीरी पंडित समुदाय के पुजारी वहां हवन कर रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने वहां मौजूद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज का दिन हमारे हिंदू भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण दिन है और इस मंदिर का बहुत महत्व है। मैं यहां मनाए जा रहे धार्मिक त्योहार पर लोगों को शुभकामनाएं देने आया हूं।
फारूक अब्दुल्ला ने यह प्रार्थना भी की कि विस्थापित कश्मीरी पंडित जितनी जल्दी संभव हो अपने घरों में लौट आएं। कोरोना वायरस के मद्देनजर उन्होंने लोगों से सार्वजनिक जगहों पर सोशल डिस्टेंशिंग के नियमों का पालन करने की अपील भी की।
बता दें कि दुर्गा नाग मंदिर 700 साल से भी ज्यादा पुराना मंदिर है। साल 2013 में मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना की गई थी। नवरात्रों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर पूजा पाठ करते हैं।