पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि क्रिकेट से रिश्तों को सुधारा नहीं जा सकता है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को पहले आतंकवाद को रोकना होगा।
अगर वह ऐसा नहीं करता है तो जहन्नुम में जाए ऐसी दोस्ती। आतंकवाद के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने फूड सेफ्टी एक्ट को रियासत के खिलाफ बताया। इससे तीस लाख लोगों को राशन से महरूम होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जेएनयू घटनाक्रम को अगर कुलपति नोटिस में लेते और पुलिस नहीं बुलाते तो भारत में उबली आग को रोका जा सकता था। अफजल गुरु पर अगर किसी को चर्चा करनी है तो उसे अपने स्तर पर खामोशी से किया जाए।