फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए वार्ताकार से बहुत उम्मीदें नहीं : फारूक अब्दुल्ला

Sun, 05 Nov 2017 11:08 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
विज्ञापन
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : BASIT ZARGAR
विज्ञापन
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि वार्ताकार की नियुक्ति में कुछ भी नया नहीं है। केंद्र सरकार को कश्मीर नीति बनानी चाहिए। नए वार्ताकार से बहुत उम्मीदें नहीं हैं। स्वायत्तता की बहाली ही एकमात्र रास्ता है। कुपवाड़ा के टंगधार में रविवार को आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि वार्ताकार से उन्हें उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन

पहले की तरह वे आएंगे और लोगों से मिलेंगे। 2010 में यूपीए सरकार ने वार्ताकारों के दल की नियुक्ति की थी जिसने राज्य का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट बनाई। सभी वर्गों से मिलने में दो महीने का समय लगा।
इस रिपोर्ट का क्या हुआ? क्या सरकार ने कभी इस रिपोर्ट पर किसी फोरम यहां तक कि संसद में चर्चा की? अलबत्ता यह रिपोर्ट नार्थ ब्लाक में कूड़ेदान में डाल दी गई। बाद में सांसदों के दल ने भी कश्मीर का दौरा किया। उनकी संस्तुतियों का क्या हुआ? इस वजह से वे बहुत अधिक की उम्मीद नहीं करते हैं। 
विज्ञापन

भाजपा पर हमले करते हुए कहा कि मोदी सरकार जब से सरकार में आई है तबसे उसकी कश्मीर नीति पेंडुलम की तरह चल रही है। नए वार्ताकार की नियुक्ति भी विवादों के घेरे में आ गई है। गृह मंत्री ने उन्हें वार्ताकार बताया तो अगले ही दिन पीएमओ में मंत्री ने प्रवक्ता करार दिया।
दिनेश्वर शर्मा को क्या अधिकार दिए गए हैं यह स्पष्ट नहीं है तो ऐसे में उनसे बातचीत का क्या औचित्य है। स्वायत्तता को उन्होंने पार्टी का कोर एजेंडा बताते हुए कहा कि यही एक रास्ता है। इस वजह से रियासत की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए स्वायत्तता की बहाली जरूरी है।
पीडीपी पर हमले करते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को भाजपा के बाहर से आने वाले नेता से फैसले लेने के लिए आदेश लेना पड़ता है। इस अवसर पर पार्टी उपाध्यक्ष चौधरी मोहम्मद रमजान, प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी, जिलाध्यक्ष कुपवाड़ा कैसर जमशेद लोन, पूर्व विधायक काफिल उल रहमान आदि मौजूद रहे।   
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें