पाकिस्तान के पास जो कश्मीर है उसे अगर वापिस लेना है तो सरकार ले ले, उसे किसी ने रोका नहीं है और न ही नेकां या कांग्रेस ने ऐसा करने से मना किया है। सरकार के पास पावर है फौज है दम है तो जाकर लड़ें और मुजर्फाबाद में जाकर झंडा लहराएं दफ्तर भी खोल देंगे।
लेकिन इससे पहले सरकार यह बताए कि क्या भारत पाक के बीच पैदा हुए वर्तमान स्थिति को बदलने के लिए वह पाकिस्तान से बात करने को तैयार है। बार बार पीओके की बात करने से पहले श्रीनगर में भाजपा अपना झंडा तो लहराए।
उक्त बातें नेंका सदर डा. फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कठुआ में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहीं। वहीं पार्टी कार्यकर्ता के घर पर आयोजित एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए थे। जिसके बाद उन्होंने लखनपुर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की।
उन्होंनें राज्य में अमन बहाली के लिए सरकार को पहल न करने और देरी करने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया। अब्दुल्ल ने कहा कि सरकार बार बार राज्य में अमन बहाली की बात करती है और पहले से स्थित को बेहतर बताती है।
अगर ऐसा है तो हर दिन जवानों के शहीद होने के समाचार सामने क्यों आते हैं क्यों हर दिन जवान शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच इस जंग का हल बातचीत से होगा और अगर केंद्र और राज्य सरकार ऐसा चाहती है तो उसे पाकिस्तान के साथ भी बात करनी होगी।
उन्होंने कहा कि बार बार वार्ताकार को राज्य में भेजने से क्या होगा। वार्ताकार राज्य की समस्या की जड़ को तो समझते नहीं और पुरानी रिपोर्ट भी देख लें तो वार्ताकारों के आने से राज्य को क्या लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार पत्थरबाजों को छोड़ने की बात कर रही है और कई उन्हें न छोड़ने की बात कर रहे हैं लेकिन सरकार कुछ भी साफ नहीं कर रही है। साफ है कि सरकार लोगों को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि पीडीपी के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए हैं और कठुआ में हुए जनता दरबार में भी यह देखने को मिला। राज्य की मुख्यमंत्री के सामने भाजपा न कोई मंत्री कुछ बोला और न ही विधायक।