जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में सोमवार को एक और विवादित बयान दिया। अपने पिता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र निगीन में स्थित उनकी कब्र पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हुर्रियत आगे बढ़े, हम आपके साथ हैं।
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि महबूबा ने राज्य के लोगों को बेवकूफ बनाया, जिस तरह मोदी देश को बना रहे हैं।इसके बाद पत्रकारों ने जब डा. अब्दुल्ला से हुर्रियत का साथ देने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने अपने जवाब में कहा कि मैं हुर्रियत के साथ हूूं या खिलाफ वह बात नहीं है।
लेकिन यह जो मौजूदा आंदोलन है, जिसमें वह अपना हक मांगने की बात कर रहे हैं, नेशनल कांफ्रेंस उनके साथ है। उन्होंने कहा कि जहां तक हक मांगने की बात है, हम न उसके खिलाफ थे और न हैं।
'दोनों मुल्कों को बातचीत से ही अपने मसले हल करने होंगे'
फारुक अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
उनके हाल ही में दिए गए एक बयान पर यूपी में उन पर देश विरोधी बयानबाजी को लेकर दर्ज मुकदमे पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने कभी भी देश विरोधी बात नहीं की है।
जहां तक कश्मीर के मसले की बात है, यह 1948 से ऐसा ही है। आज भी संयुक्त राष्ट्र में यह ऐसे ही है, जैसा शिमला समझौते में दर्ज हुआ है, जिसके 6 प्वाइंट में यह साफ लिखा है कि कश्मीर का मसला बातचीत के जरिये हल किया जाएगा।
सरताज अजीज के भारत दौरे पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि वह कोई बात करेंगे, लेकिन एक दिन दोनों मुल्कों को बातचीत से ही अपने मसले हल करने होंगे। उसके बगैर और कोई रास्ता नहीं है।
दोनों हिस्से कश्मीर के ही हिस्से: फारूक
FAROOK ABDULLAH
- फोटो : File Photo
केंद्र को कश्मीर मसले पर संजीदा बताते हुए डा फारूक ने कहा कि जहां तक प्रधानमंत्री का सवाल है, वह चाहते हैं कि किसी न किसी तरीके से इस मसले को हल किया जाए और मुझे उम्मीद है वह एक दिन पाकिस्तान से बात करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों मुल्कों को संयम बरतना चाहिए, क्योंकि जब भी बार्डर गरमाते हैं तो लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। दोनों हिस्से कश्मीर के ही हिस्से हैं। उन्होंने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की जल्द सेहत दुरुस्त होने के लिए दुआ की।