नेकां ने कश्मीर मसले के हल के लिए केंद्र सरकार से रियासत में राजनीतिक भागीदारी की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की है। साथ ही इस मसले के शांतिपूर्ण हल के लिए समाज के सभी वर्गों को इस प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह फैसला सोमवार को पार्टी कोर ग्रुप की हुई बैठक में किया गया।
पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला के गुपकार रोड स्थित आवास पर हुई बैठक में राज्य के हालात पर चिंता जताई गई। साथ ही सरकार की ओर से इस हालात से निबटने के लिए उठाए गए कदमों पर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि धरातल पर सरकार नाम की चीज नहीं दिख रही है।
जम्मू कश्मीर की समस्या को राजनीतिक समस्या के रूप में स्वीकार करने में केंद्र सरकार विफल रही है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार जम्मू कश्मीर को कानून व्यवस्था की समस्या के रूप में देख रही है न कि राजनीतिक मुद्दे के रूप में। वास्तविकता यह है कि इसे राजनीतिक समस्या मानते हुए हल की दिशा में प्रयास करना चाहिए। कोर ग्रुप ने यह भी कहा कि लगातार गिरफ्तारी तथा सुरक्षा बलों के उपयोग तथा पेलेट गन के इस्तेमाल से दहशत और आक्रोश का माहौल है। केंद्र सरकार को इस दिशा में सुधारात्मक कदम तत्काल उठाने चाहिए। बैठक में यह भी कहा गया कि आगामी चुनावों की घोषणा होने पर दोबारा कोर ग्रुप बैठकर समीक्षा करेगा।