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कांट्रैक्ट फार्मिंग और एमएसपी पर किसानों को डरने की जरूरत नहीं: उपराज्यपाल

Sat, 09 Jan 2021 06:10 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : @manojsinha_
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कांट्रैक्ट फार्मिंग तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों को न तो डरने न ही घबराने की जरूरत है और न ही किसी प्रकार की चिंता करने की। सभी के हित सुरक्षित रहेंगे। कुछ स्वार्थी लोग डर का वातावरण पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

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कस्बे के सुंब मार्ग के निकट कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की नवनिर्मित इमारत का शुक्रवार को उद्घाटन करते हुए कहा कि किसानों को अपने उत्पाद को अपनी कीमतों पर बेचने की पूरी आजादी होगी। आधुनिक सुधारों के बाद से देशभर के कृषि बाजारों में खरीद बिक्री बढ़ी है और कहीं भी किसी प्रकार का बंद नहीं हुआ है। कांट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर कुछ निहित स्वार्थी तत्वों की ओर से भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

आश्वस्त किया कि कांट्रैक्ट केवल उत्पादों तक सीमित है। जमीन का इसमें कहीं कोई जिक्र नहीं है। इससे किसानों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मंडियां जैसे थीं वैसे ही रहेंगी। किसी मंडी को बंद नहीं किया जाएगा। किसानों में कुछ भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं कि ठेकेदारी से किसान की जमीन चली जाएगी। ऐसा कुछ नहीं होगा। किसान की जमीन किसान के पास ही रहेगी। केवल फसल का ठेका होगा।
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कहा कि कृषि, बागवानी, डेयरी व पोल्ट्री सरकार की प्राथमिकताओं में है। वैज्ञानिकों को अपने शोध के निष्कर्ष को खेतों तक पहुंचाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें। सरकार भी एक तंत्र विकसित करने की कोशिश कर रही है। कृषि विज्ञान केंद्र इसमें सेतु का काम कर सकता है। उन्होंने मंडलायुक्त को शेष तीन जिलों में केवीके की स्थापना के लिए जमीन चिह्नित करने को कहा।
 

पुलवामा में खुला था पहला कृषि विज्ञान केंद्र

उपराज्यपाल ने कहा कि 1983 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पहला केवीके खुला था। उसके नौ साल बाद दूसरा केंद्र खोला गया। बताया गया है कि सांबा जिले में सिंचाई के पानी की किल्लत है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों को इस पर भी कार्य करना चाहिए। किसान हमारे प्रेरणास्रोत हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बेहतर तकनीक के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। आज तीन किताबों का विमोचन किया गया है। तीनों को स्थानीय भाषाओं में ही लिखा जाए ताकि किसानों को पूरी समझ आ सके।

उपराज्यपाल ने हाल में किए गए सुधारों के बारे में कहा कि पहले यदि सेब का बाग लगाना होता था तो सरकार से अनुमति लेनी होती थी। अब ऐसा नहीं होगा, किसी सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। किसानों को पहले साल में 25 ट्रैक्टर दिए जाते थे। अब 500 ट्रैक्टर दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं जिले में मुफ्त में थ्रेशर भी उपलब्ध कराई जाएगा। इस अवसर पर लगाए गए स्टाल का भी उपराज्यपाल ने जायजा लिया। 
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नई औद्योगिक योजना से उद्योग जगत का होगा विकास

नई औद्योगिक योजना के बारे में कहा कि 2037 तक उद्योगों को सब्सिडी का प्रावधान है। 28400 करोड़ का उद्योगों को पैकेज दिया गया है। इससे प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछेगा। रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।

किसानों को किया सम्मानित
अच्छी व उत्तम खेती करने वाले किसानों को उपराज्यपाल ने सम्मानित किया। रामगढ से विनोद कुमार को गन्ने से गुड़ बनाने, सवर्ण सिंह व कार्तिक को मशरूम, प्रकाश चौधरी को पोल्ट्री, शिव कुमार को फूल की खेती, चमन लाल सब्जी उत्पादन, सुशांत को शहद उत्पादन और विनोद कुमार को वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए उपराज्यपाल ने सम्मानित किया।
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