एक साल के इंतजार के बाद भी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर माफ किए गए लोन का लाभ नहीं मिल सका है।
फरवरी में पेश होने वाले बजट से किसानों को उम्मीद थी कि इस पर कोई अहम फैसला होगा, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद निधन के बाद किसानों की उम्मीद सरकार गठन में अटक गई है।
किसानों ने प्री बजट बैठक में भी इस मुद्दे को वित्त मंत्री के समक्ष उठाया था। मंत्री ने कहा था जल्द ही किसान क्रेडिट कार्ड पर माफ लोन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार ने अपने पहले बजट में घोषणा की थी कि 2014 तक लिए गए एक लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट लोन पर पचास फीसदी की माफी होगी।
एक साल होने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ। राज्य कृषि उद्यमिता संगठन के प्रधान कुलभूषण खजुरिया का कहना है कि सरकार के रहते भी किसानों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
अब राज्यपाल शासन है। राज्यपाल को चाहिए कि किसानों की इस मांग को पूरा किया जाए। किसानों पर किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन का ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वह परेशान हो रहे हैं।
राज्य किसान संघ के प्रधान तेजिंदर सिंह वजीर का कहना है कि एक साल से किसान इंतजार में है। सरकार गठन न होने से बजट पेश नहीं हुआ।
पहले बजट की घोषणा इस बजट में पूरी होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से किसानों को राहत नहीं मिल रही।